TMC के बागी नेताओं पर अभिषेक बनर्जी का बड़ा बयान, 'जिन्होंने दूसरी पार्टी ज्वाइन की उनकी सदस्यता रद्द हो'
टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर पार्टी से अलग होने का दावा करने वाले 20 बागी सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग की है.

कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस में कथित टूट और बागी सांसदों के मुद्दे ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है. पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद अभिषेक बनर्जी ने इस मामले को लेकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की और बागी सांसदों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई. टीएमसी का आरोप है कि पार्टी छोड़ने या अलग गुट बनाने का दावा करने वाले सांसदों ने जनता के जनादेश के साथ विश्वासघात किया है और उन्हें संसद की सदस्यता बनाए रखने का अधिकार नहीं होना चाहिए.
नेताओं ने स्पीकर को सौंपा ज्ञापन
दिल्ली में लोकसभा अध्यक्ष से मिलने पहुंचे टीएमसी प्रतिनिधिमंडल में अभिषेक बनर्जी के अलावा सौगत रॉय, कल्याण बनर्जी, डेरेक ओ’ब्रायन और महुआ मोइत्रा जैसे प्रमुख नेता शामिल थे. नेताओं ने स्पीकर को ज्ञापन सौंपते हुए उन सांसदों की सदस्यता समाप्त करने की मांग की, जिन्होंने कथित तौर पर पार्टी से अलग होकर नया राजनीतिक गुट बनाने का दावा किया है.
मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में अभिषेक बनर्जी ने कहा कि पार्टी ने 14 जून को इस संबंध में लोकसभा अध्यक्ष को पत्र भेजा था. उसी पत्र के आधार पर उन्हें चर्चा के लिए बुलाया गया. उन्होंने बताया कि टीएमसी की ओर से पहले भी इस मुद्दे पर अध्यक्ष को जानकारी दी गई थी और अब पार्टी ने औपचारिक रूप से अपनी आपत्तियां उनके सामने रखी हैं.
अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि टीएमसी के 20 सांसदों ने कुछ दिन पहले स्पीकर से मिलकर अलग समूह के रूप में मान्यता देने की मांग की थी. उनके अनुसार बाद में इनमें से कुछ सांसदों ने किसी अन्य राजनीतिक संगठन में विलय का भी दावा किया. उन्होंने कहा कि पार्टी ने इन सभी सांसदों के खिलाफ अलग-अलग अयोग्यता याचिकाएं दाखिल की हैं और संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत उनकी सदस्यता पर कार्रवाई की जानी चाहिए.
उन्होंने कहा कि यदि बागी सांसद अपने फैसले को लेकर वास्तव में आश्वस्त हैं, तो उन्हें नैतिकता के आधार पर पहले संसद सदस्य पद से इस्तीफा देना चाहिए और फिर जनता के बीच जाकर नया जनादेश हासिल करना चाहिए. उनके अनुसार, पार्टी के चुनाव चिन्ह और संगठन के नाम पर जीत हासिल करने के बाद अलग राह अपनाना जनता के विश्वास के साथ खिलवाड़ है.
बागी सांसदों पर अभिषेक बनर्जी का हमला
बागी सांसदों पर तीखा हमला करते हुए अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि उन्होंने अपने राजनीतिक सिद्धांतों और नैतिक मूल्यों से समझौता किया है. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता ऐसे नेताओं को स्वीकार नहीं करेगी जिन्होंने अपने मतदाताओं की उम्मीदों को तोड़ा है.
इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि कुछ सांसद विभिन्न एजेंसियों की जांच से बचने या अन्य राजनीतिक लाभ पाने के उद्देश्य से ऐसे कदम उठा रहे हैं. हालांकि, उन्होंने कहा कि उनके पास इन आरोपों के समर्थन में पर्याप्त सबूत हैं और जरूरत पड़ने पर वे उन्हें अदालत में भी प्रस्तुत कर सकते हैं. इस पूरे घटनाक्रम ने टीएमसी के भीतर बढ़ते राजनीतिक तनाव और दल-बदल की बहस को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है.


