चंडीगढ़: हरियाणा पुलिस को संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। रविवार को सोनीपत में हुई मुठभेड़ में कुख्यात अपराधी गोपाल मारा गया। गोपाल उम्रकैद की सजा काट रहा था और उस पर दो दर्जन से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज थे।
सोनीपत पुलिस कमिश्नर ममता सिंह ने NDTV से बताया कि क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी CIA-1 और CIA गन्नौर की टीम को सूचना मिली थी कि गोपाल अपने एक विरोधी को मारने के इरादे से इलाके में घूम रहा है। इसी जानकारी पर पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए ऑपरेशन शुरू किया।
मुठभेड़ के दौरान गोपाल ने पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। दो गोलियां पुलिस की गाड़ियों में लगीं और एक गोली हेड कॉन्स्टेबल देवेंद्र के हाथ में लगी। जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षा में फायरिंग की, जिसमें गोपाल गंभीर रूप से घायल हो गया।
घटना के बाद गोपाल और घायल हेड कॉन्स्टेबल देवेंद्र को खानपुर मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। डॉक्टरों ने गोपाल को मृत घोषित कर दिया, जबकि देवेंद्र का इलाज चल रहा है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
पुलिस के मुताबिक गोपाल सोनीपत के अतायल गांव का रहने वाला था और लंबे समय से अपराध की दुनिया में सक्रिय था। 2010 के हत्या केस में उसे दोषी ठहराया गया था और 2016 में गन्नौर इलाके में एक और हत्या के मामले में दूसरी बार उम्रकैद मिली थी।
इस साल फरवरी में गोपाल को 70 दिन की पैरोल मिली थी। पैरोल के दौरान उसने कई वारदातों को अंजाम दिया। इसमें शराब की दुकान पर हमला, तोड़फोड़ और आगजनी, समालखा से ब्रेज़ा कार चोरी करना और एक व्यक्ति पर जान से मारने की नीयत से गोली चलाना शामिल है।
पैरोल खत्म होने के बाद भी उसने सरेंडर नहीं किया और फरार हो गया। पुलिस कई हफ्तों से उसकी तलाश कर रही थी। रविवार को मुठभेड़ में उसका अंत हो गया।
पुलिस का कहना है कि गोपाल जैसे आदतन अपराधियों पर नजर रखने और पैरोल के दुरुपयोग को रोकने के लिए व्यवस्था को और कड़ा करने की जरूरत है। सोनीपत पुलिस ने कहा कि इलाके में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसे ऑपरेशन आगे भी जारी रहेंगे। First Updated : Monday, 22 June 2026