पानीपत: हरियाणा के पानीपत से अंधविश्वास का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां करंट लगने से बेहोश हुई एक महिला को इलाज के बजाय निर्माणाधीन नाले में मिट्टी के नीचे दबा दिया गया. करीब 20 मिनट तक महिला गर्दन तक मिट्टी में दबी रही, जबकि परिजन उसे इस तरीके से ठीक करने की कोशिश करते रहे.
घटना के दौरान महिला का पूरा शरीर मिट्टी में दबा दिया गया था और केवल चेहरा बाहर दिखाई दे रहा था. परिजनों ने उसके मुंह में कपड़ा भी ठूंस दिया और हाथ रगड़ते रहे. हालांकि महिला को होश नहीं आया. बाद में पुलिस की सूचना पर उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
जानकारी के अनुसार, महिला को करंट लगने के बाद परिजन उसे पास में बन रहे नाले के पास ले गए. वहां जेसीबी मशीन से खुदे गहरे गड्ढों में महिला को दबाकर ऊपर से मिट्टी डाल दी गई.
किसी परिजन ने सलाह दी कि इस तरीके से महिला को होश आ जाएगा. इसी अंधविश्वास के चलते गर्दन से नीचे उसका पूरा शरीर मिट्टी में दबा दिया गया.
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, महिला के हाथ और गर्दन बाहर निकाले गए थे और परिजन लगातार उसके हाथ रगड़ते रहे. यह प्रक्रिया करीब 20 मिनट तक चलती रही, लेकिन महिला की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ.
महिला के मुंह में कपड़ा भी रखा गया था. आसपास मौजूद लोगों ने यह दृश्य देखकर हैरानी जताई.
घटना स्थल पर भीड़ बढ़ने लगी तो राहगीरों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी. सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची.
पुलिस ने महिला को गड्ढे से बाहर निकलवाया और परिजनों को तुरंत अस्पताल ले जाने के निर्देश दिए.
परिजन महिला को अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया.
डॉक्टरों के अनुसार, मौत का वास्तविक कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा. शुरुआती आशंका है कि महिला की मौत करंट लगने या मिट्टी में दबने के कारण दम घुटने से हुई हो सकती है.
अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि महिला को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था.
पुलिस के अनुसार, महिला के मिट्टी में दबे होने की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची थी, लेकिन तब तक परिजन महिला को वहां से अस्पताल ले जा चुके थे.
सिटी थाना प्रभारी देवेंद्र ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और डॉक्टरों से भी संपर्क किया गया है. First Updated : Sunday, 24 May 2026