Mohan Bhagwat: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और संघ के बीच वैचारिक समानता हो सकती है, लेकिन दोनों संगठनों की कार्यप्रणाली और निर्णय लेने की प्रक्रिया अलग-अलग होती है. उन्होंने कहा कि यह धारणा पूरी तरह गलत है कि आरएसएस भाजपा के अध्यक्ष का चयन करता है या पार्टी का राजनीतिक रोडमैप तय करता है.
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भागवत ने कहा कि मैं 50 वर्षों से शाखा चला रहा हूं, तो इस क्षेत्र में अगर कोई मुझसे सलाह लेता है, तो मैं विशेषज्ञ हूं. राज्य संचालन की बात करें तो वे (राजनीतिक दल) लंबे समय से यह कार्य कर रहे हैं, इसलिए वे अपने क्षेत्र के विशेषज्ञ हैं. उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सुझाव तो दिए जा सकते हैं, लेकिन निर्णय लेना संबंधित संगठन का ही अधिकार है.
भागवत ने मुस्कराते हुए कहा कि अगर हम निर्णय कर रहे होते तो क्या इसमें इतना समय लगता? उनका यह कथन भाजपा के भीतर चल रही अध्यक्ष पद की चर्चा को लेकर था. इस पर उपस्थित श्रोताओं की तालियों के बीच वे मुस्कुरा उठे. उन्होंने साफ कहा, “हम निर्णय नहीं करते और न ही करना चाहते हैं. हर संगठन को अपने समय और तरीके से निर्णय लेने देना चाहिए.
भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा का कार्यकाल दो साल पहले समाप्त हो चुका है और वे अब कार्यकाल विस्तार पर हैं. नए अध्यक्ष को लेकर अटकलें जारी हैं, जिनमें शिवराज सिंह चौहान की मोहन भागवत से मुलाकात को भी संभावनाओं से जोड़ा जा रहा है. हालांकि, अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है.
पार्टी के अंदरूनी हलकों में यह भी चर्चा है कि भाजपा इस बार किसी महिला को पार्टी अध्यक्ष नियुक्त कर सकती है. संभावित नामों में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, आंध्र प्रदेश की वरिष्ठ नेता डी. पुरंदेश्वरी और भाजपा महिला मोर्चा प्रमुख वनाथी श्रीनिवासन शामिल हैं.
भाजपा और उसके पूर्ववर्ती संगठन जनसंघ में आरएसएस की भूमिका हमेशा वैचारिक रही है. दोनों पक्षों के नेता इस बात को स्वीकारते हैं कि संघ केवल विचारों का मार्गदर्शन करता है, लेकिन परिचालन से जुड़े निर्णय पूरी तरह से राजनीतिक नेतृत्व के अधिकार क्षेत्र में आते हैं.
भागवत ने अंत में कहा कि हम किसी भी अच्छे कार्य के लिए मदद को तैयार रहते हैं. केवल भाजपा ही नहीं, जो भी संगठन राष्ट्रहित के कार्यों के लिए हमारी मदद चाहता है, हम साथ खड़े होते हैं. संघ के कार्यकर्ता आवश्यकता पड़ने पर राजनीतिक संगठनों की भी मदद करते हैं, लेकिन बिना किसी हस्तक्षेप के.
First Updated : Thursday, 28 August 2025