नई दिल्ली: भारत में इस समय मौसम के कई अलग-अलग रूप एक साथ देखने को मिल रहे हैं. एक तरफ जहां दक्षिण-पश्चिमी मॉनसून मजबूत स्थिति में आगे बढ़ रहा है और नए इलाकों को कवर कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ कुछ इलाके अभी भी बहुत गर्म हैं.
कुछ हिस्सों में आंधी-तूफान का 'ऑरेंज अलर्ट'
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, मॉनसून की उत्तरी सीमा इस समय दहानू, वर्धा, रायपुर, डालटनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है. पिछले 24 घंटों में इसने महाराष्ट्र को पूरी तरह से कवर कर लिया है और गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड में प्रवेश कर गया है. मौसम विभाग ने आज देश के 14 राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है.
दिल्ली-NCR में आंधी और बारिश से राहत मिलेगी
दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रहने वाले लोगों को आज गर्मी से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. राजस्थान के ऊपर एक चक्रवाती सिस्टम के कारण पश्चिमी राजस्थान में धूल भरी आंधी चल सकती है, जिसका सीधा असर दिल्ली-NCR और आसपास के इलाकों पर पड़ेगा. आज इन क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. आंधी के साथ गरज-चमक और मध्यम स्तर की बारिश होगी, जिससे तापमान में गिरावट आएगी. हालांकि, मौसम विभाग ने लोगों को आंधी के दौरान पेड़ों या खुली जगहों के नीचे न जाने की चेतावनी दी है.
मध्य और पूर्वी भारत में बिजली का खतरा
आज मध्य और पूर्वी भारत के लिए मौसम की सबसे खतरनाक चेतावनी जारी की गई है. इस क्षेत्र में मध्यम से गंभीर स्तर की आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है. बिहार में मौसम सबसे ज्यादा खराब हो सकता है, जहां 70 किमी/घंटे की रफ्तार वाली हवाओं के साथ भारी बारिश का अनुमान है. मध्य प्रदेश के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय होने के कारण पश्चिमी मध्य प्रदेश में 60 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी. जबकि विदर्भ और पूर्वी मध्य प्रदेश में मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहेगा. हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और ओडिशा में भी भारी बारिश का अलर्ट है.
मुंबई और पूर्वोत्तर में मॉनसूनी आफत
पश्चिमी तट और दक्षिण भारत के राज्य इस समय मॉनसून की भारी मार झेल रहे हैं. मुंबई समेत पूरे उत्तरी कोंकण और गोवा में 'भारी से बहुत भारी' बारिश का अलर्ट है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका है. तटीय कर्नाटक में उग्र मॉनसून के चलते मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है. पूर्वोत्तर राज्यों में मॉनसूनी हवाएं ठहरने से लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है, जिससे पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और असम में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है.
पूर्वी उत्तर प्रदेश में अभी भी 'लू' का प्रकोप
देश के बड़े हिस्से में बारिश और आंधी के बीच, पूर्वी उत्तर प्रदेश में मौसम का बिल्कुल विपरीत रूप देखने को मिल रहा है. इस इलाके में अभी तक मॉनसून का असर नहीं हुआ है, जिससे अधिकतम तापमान सामान्य से 3°C से 6°C तक ऊपर बना हुआ है, और लोग भीषण गर्मी का सामना कर रहे हैं. First Updated : Thursday, 25 June 2026