कोलकाता गोदाम हादसा: 4 की मौत, 21 लोग निकाले गए सुरक्षित, घटना के बाद CM सुवेंदु ने ली रेस्क्यू की जानकारी

पश्चिम कोलकाता के ताराताला इलाके में एक बड़े हादसे की खबर सामने आई है, जहां तीन मंजिला गोदाम अचानक भरभराकर गिर पड़ा. इस घटना में अब तक 4 लोगों की मौत हो चुकी हैं, जबकि 21 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है.

Yashika Jandwani

कोलकाता: पश्चिम कोलकाता के ताराताला इलाके में बुधवार दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया, जब निर्माणाधीन तीन मंजिला गोदाम अचानक भरभराकर गिर पड़ा. जानकारी के अनुसार,  इस दुर्घटना में अब तक 4 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 21 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है. अधिकारियों के अनुसार कई लोग अभी भी मलबे में फंसे बताए जा रहे है, जिनकी तलाश के लिए लगातार बचाव अभियान चलाया जा रहा है. 

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने की बचाव अभियान की समीक्षा

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बचाव अभियान की समीक्षा की और बताया कि लगभग 12-18 लोग अंदर फंसे हुए हैं और वे भारतीय सेना के संपर्क में आ चुके हैं. इसके साथ ही प्रशासन का कहना है कि हादसे के कारणों की विस्तृत जांच के बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.

घटना के बाद मौके पर मची अफरा-तफरा 

बता दें, यह हादसा ट्रांसपोर्ट डिपो रोड स्थित एक निर्माणाधीन गोदाम में हुआ. बताया जा रहा है कि घटना से पहले इमारत की छत को लेकर ढलाई का काम चल रहा था, तभी अचानक पूरी संरचना ढह गई. इस दौरान भारी लोहे के बीम और कंक्रीट के बड़े टुकड़े श्रमिकों पर गिर पड़े, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई.

राज्य सरकार के अनुसार, अब तक 21 लोगों को मलबे से बाहर निकाला जा चुका है. इसके साथ ही घायलों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है. मृतकों की पहचान कृष्णा चौधरी, रोहित चौधरी और दो अन्य व्यक्तियों के रूप में हुई है, जिनको लेकर फिलहाल अधिक जानकारी सामने नहीं आ पाई है. 

बचाव कार्य जारी 

घटना की सूचना मिलते ही एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना, पुलिस, दमकल विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंच गईं. बचाव दल मलबा हटाने के लिए क्रेन, गैस कटर और अन्य भारी मशीनों का उपयोग कर रहे हैं. इसके साथ ही ड्रोन और खोजी कुत्तों की मदद से फंसे लोगों का पता लगाने की कोशिश जारी है.

निर्माण कार्य में हुआ घटिया सामग्री का इस्तेमाल 

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के बाद मलबे के नीचे दबे लोगों की चीख-पुकार सुनाई दे रही थी. बचावकर्मी लगातार प्रभावित लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं और उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं. प्रारंभिक जांच में निर्माण कार्य में तकनीकी खामियों और घटिया सामग्री के इस्तेमाल की आशंका जताई गई है. नगर निगम और संबंधित विभागों के अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं. इसके साथ ही प्रशासन ने लोगों की सहायता के लिए नियंत्रण कक्ष (1070, 8697981070, 033-22143526/22535185) भी स्थापित किया है, जहां प्रभावित परिवार जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.

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