‘सर प्लीज बचा लीजिए...’, अंदर से आती आवाजों ने बढ़ाई बचावकर्मियों की बेचैनी, मलबा हटाने में जुटी रेस्क्यू टीम

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के समय बड़ी संख्या में मजदूर गोदाम के अंदर काम कर रहे थे.,पूरा ढांचा अचानक भरभराकर गिर गया और कई लोग मलबे में दब गए. स्थानीय लोगों का कहना है कि अंदर फंसे मजदूर मदद के लिए आवाजें लगा रहे थे, जिसके बाद तुरंत बचाव अभियान शुरू किया गया.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के तारातला इलाके में मंगलवार को एक निर्माणाधीन गोदाम में बड़ा हादसा हो गया, जब उसकी छत और सहारा देने वाले लोहे के ढांचे अचानक ढह गए. दुर्घटना में अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य मजदूर घायल हुए हैं. अधिकारियों को आशंका है कि मलबे में अभी भी बड़ी संख्या में लोग फंसे हो सकते हैं, जिसके चलते बचाव अभियान लगातार जारी है.

 प्रत्यक्षदर्शियों ने क्या कहा? 

जानकारी के अनुसार, परिवहन विभाग से जुड़े एक गोदाम का निर्माण कार्य चल रहा था. सुबह के समय मजदूर सामान्य रूप से काम में लगे हुए थे. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसे से कुछ समय पहले गोदाम की संरचना में इस्तेमाल किया गया एक लोहे का बीम अपनी जगह से खिसक गया था और कई हिस्सों में क्षतिग्रस्त हो गया था. मजदूर और तकनीकी कर्मचारी उसे संभालने व ढांचे को स्थिर करने का प्रयास कर रहे थे. इसी दौरान पूरा टिन शेड और लोहे का ढांचा अचानक तेज आवाज के साथ भरभराकर गिर पड़ा.

हादसे के तुरंत बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई. आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और प्रशासन को सूचना दी. कुछ ही देर में पुलिस, दमकल विभाग, आपदा प्रबंधन टीमों और अन्य बचाव एजेंसियों के कर्मचारी मौके पर पहुंच गए. घायल मजदूरों को तत्काल अस्पताल भेजा गया, जहां कई लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है.

40 से 45 लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका 

बचाव दल गैस कटर और अन्य भारी उपकरणों की सहायता से मलबे में फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं. लोहे के बड़े-बड़े बीम और टिन की चादरों को हटाने का काम लगातार जारी है. अधिकारियों के अनुसार, लगभग 40 से 45 लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है. हालांकि, वास्तविक संख्या का पता बचाव कार्य पूरा होने के बाद ही चल सकेगा.

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे के समय गोदाम परिसर में बड़ी संख्या में मजदूर मौजूद थे. परिसर में एक अस्थायी कार्यालय भी बनाया गया था, जहां कुछ कर्मचारी कामकाज देख रहे थे. अचानक पूरा ढांचा गिरने से वहां मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला.

घटनास्थल से सामने आई तस्वीरें और वीडियो हादसे की भयावहता को दर्शाते हैं. प्रशासन का कहना है कि प्राथमिकता सभी फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने की है. राहत और बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है. मलबे में फंसे लोगों की तलाश के लिए हर संभव संसाधन लगाए गए हैं.

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