नई दिल्ली: मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वैश्विक हालात पर अहम टिप्पणी की है. ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद से क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ा हुआ है और एक हफ्ते बाद भी दोनों पक्षों के बीच जवाबी कार्रवाई जारी है. ऐसे में पूरी दुनिया की नजरें मिडिल ईस्ट की स्थिति पर टिकी हुई हैं.
रक्षा मंत्री ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिदृश्य तेजी से बदल रहा है. पुराने वैश्विक ढांचे, मान्यताएं और सोच अब पहले जैसी नहीं रहीं. इन बदलती परिस्थितियों और अनिश्चितताओं को समझना आज बेहद जरूरी हो गया है.
कोलकाता में आयोजित मेरिटाइम समिट 'सागर संकल्प' को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि दुनिया में तेजी से परिवर्तन हो रहे हैं और नई परिस्थितियां सामने आ रही हैं.
उन्होंने कहा कि पहले समुद्र को मुख्य रूप से व्यापार के माध्यम के तौर पर देखा जाता था, लेकिन अब इसका महत्व बदल चुका है और यह रणनीतिक शक्ति के केंद्र के रूप में उभर रहा है.
"पहले समुद्र को सिर्फ व्यापार का माध्यम माना जाता था लेकिन आज हम उन्हें रणनीतिक दबदबे का केंद्र बनते हुए देख रहे हैं. ग्लोबल लेवल पर बदलाव हो रहा है. हमें इन अनिश्चितताओं को समझना होगा. मिडिल ईस्ट की मौजूदा स्थिति इसका एक ज्वलंत उदाहरण हैं". रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
रक्षा मंत्री ने कहा कि वैश्विक स्तर पर बड़े बदलाव दिखाई दे रहे हैं. सप्लाई चेन के ढांचे बदल रहे हैं और ऊर्जा मार्गों को लेकर नए समीकरण बनते नजर आ रहे हैं.
उन्होंने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और पुरानी व्यवस्थाएं टूट रही हैं. ऊपर से देखने पर कई घटनाएं आपस में जुड़ी हुई लगती हैं, लेकिन हर भौगोलिक क्षेत्र की अपनी अलग परिस्थिति और कहानी होती है.
राजनाथ सिंह ने कहा कि मौजूदा समय में दुनिया में जो बदलाव हो रहे हैं, मिडिल ईस्ट की स्थिति उसका सबसे स्पष्ट उदाहरण है. उन्होंने कहा कि आज वहां जो परिस्थितियां बन रही हैं, वे असामान्य हैं और यह अनुमान लगाना मुश्किल है कि आने वाले समय में वहां या उसके आसपास के क्षेत्रों में हालात किस दिशा में जाएंगे. First Updated : Friday, 06 March 2026