India-Pakistan Tension: भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मॉक ड्रिल की जा रही हैं. विशेष रूप से पंजाब के सीमावर्ती जिले फिरोजपुर में रविवार से ही मॉक ड्रिल का अभ्यास शुरू हो चुका है. यह कदम भारतीय सरकार की ओर से सुरक्षा तैयारियों को पुख्ता करने के उद्देश्य से उठाया गया है.
पंजाब के फिरोजपुर जिले में रविवार को रात 9 बजे से 9:30 बजे तक ब्लैकआउट मॉक ड्रिल की गई. इस दौरान शहर के कैंट क्षेत्र में अचानक बिजली काट दी गई और सुरक्षा तैयारियों को परखा गया. इस ड्रिल का मुख्य उद्देश्य यह था कि अगर कभी युद्ध जैसी स्थिति बनती है तो नागरिकों को सुरक्षित रखने के लिए किस तरह की कार्रवाई की जाए.
सुरक्षा तैयारियों को लेकर सरकार पूरी तरह सतर्क है. गृह मंत्रालय की ओर से सभी राज्यों को 7 मई तक मॉक ड्रिल करने के निर्देश दिए गए हैं. इस ड्रिल में नागरिक सुरक्षा और ब्लैकआउट जैसी स्थितियों में कार्यवाही की योजना पर ध्यान दिया जाएगा. इसके साथ ही, बठिंडा जिले के डीसी शौकत अहमद परे ने बताया कि मंगलवार को एक बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें एसएसपी और सिविल डिफेंस के अधिकारियों के साथ मॉक ड्रिल की रूपरेखा तय की जाएगी.
भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव और हाल ही में हुए पहलगाम हमले के बाद, भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़े कदम उठाए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस संदर्भ में प्रधानमंत्री ऑफिस में एक उच्चस्तरीय बैठक की. इस बैठक में देश की सुरक्षा की तैयारियों को लेकर चर्चा की गई और कई अहम फैसले लिए गए.
फिरोजपुर के बाद अब पंजाब के अन्य जिलों में भी मॉक ड्रिल की तैयारी शुरू हो गई है. यह सभी जिलों में मंगलवार को एक रूपरेखा तैयार की जाएगी और सुरक्षा बलों के साथ मिलकर मॉक ड्रिल का संचालन किया जाएगा.
हालांकि, इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य नागरिक सुरक्षा और आपातकालीन तैयारियों को परखना है, लेकिन यह भी सच है कि पाकिस्तान से सटी सीमाओं पर सुरक्षा को लेकर हमेशा तनाव बना रहता है. अब देखना यह है कि 7 मई को होने वाली मॉक ड्रिल के बाद इस तरह की तैयारियों का असर देशभर में कितना दिखता है और क्या यह किसी बड़ी स्थिति के लिए तैयारी है या सिर्फ एक सामान्य सुरक्षा अभ्यास. First Updated : Tuesday, 06 May 2025