मुरीदके पर एयरस्ट्राइक: आतंक की नर्सरी में भारत का surgical strike

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम के पास बैसरन क्षेत्र में हुए घातक हमले के पीछे लश्कर-ए-तैयबा का हाथ होने का संदेह है. इस हमले में 26 लोगों की जान गई थी. इसी के जवाब में भारत में ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया.

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22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम के निकट बैसरन में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी, जिनमें अधिकतर पर्यटक थे. इस हमले के पीछे लश्कर-ए-तैयबा का हाथ बताया जा रहा है, जिसका नेतृत्व हाफिज सईद करता है. इसी आतंकी हमले के जवाब में भारत ने एक सुनियोजित सैन्य कार्रवाई ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अंजाम दिया.

आतंकी संगठनों के ठिकाने बने निशाना

भारतीय वायुसेना ने इस अभियान के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों के ठिकानों को निशाना बनाया. खासकर पाकिस्तान के पंजाब स्थित मुरीदके पर हमला किया गया, जो लश्कर का मुख्यालय है और जिसे "आतंकवाद की नर्सरी" के रूप में जाना जाता है. यह इलाका लाहौर से लगभग 40 किलोमीटर दूर एक व्यावसायिक केंद्र भी है. यहां करीब 200 एकड़ में फैला आतंकी आधार है.

इसके साथ ही भारतीय हमलों ने बहावलपुर, कोटली और मुजफ्फराबाद जैसे इलाकों को भी निशाना बनाया. बहावलपुर जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ है, जिसका सरगना मसूद अजहर 2008 के मुंबई हमलों का मास्टरमाइंड रहा है. कोटली और बहावलपुर पहले भी 2019 के पुलवामा हमले के बाद संभावित लक्ष्य थे.

रक्षा मंत्रालय ने क्या कहा? 

रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह हमला बुधवार तड़के 1:44 बजे किया गया और यह एक "सटीक और संयमित" प्रतिक्रिया थी. भारत ने स्पष्ट किया कि किसी पाकिस्तानी सैन्य ठिकाने को नुकसान नहीं पहुंचाया गया, जो उसके नियंत्रित और गैर-आक्रामक रुख को दर्शाता है.

यह कार्रवाई भारतीय थलसेना, वायुसेना और नौसेना का 1971 के बाद पहला संयुक्त सैन्य ऑपरेशन था. वहीं, पाकिस्तान ने जवाबी हमले का दावा किया है और पुंछ-राजौरी क्षेत्र में संघर्ष विराम का उल्लंघन करते हुए भीमबर गली में गोलीबारी की, जिसका भारतीय सेना ने मुंहतोड़ जवाब दिया है. First Updated : Wednesday, 07 May 2025