चीन में ब्रेकअप का भी लगता है ‘चार्ज’, रिश्ता तोड़ने पर देना पड़ सकता है मुआवजा
चीन में रिश्तों से जुड़ी एक अनोखी परंपरा लोगों का ध्यान खींच रही है. यहां कुछ मामलों में रिश्ता खत्म होने के बाद “ब्रेकअप फीस” देने की बात सामने आती है. हालांकि ब्रेकअप फीस के लिए चीन में कोई तय नियम या फॉर्मूला नहीं है.

नई दिल्ली: प्यार को अक्सर भावनाओं, भरोसे और साथ का रिश्ता माना जाता है, लेकिन चीन में एक ऐसी चर्चा इन दिनों लोगों का ध्यान खींच रही है जो रिश्तों को एक बिल्कुल अलग नजरिए से देखती है. यहां कुछ मामलों में रिश्ता खत्म होने के बाद “ब्रेकअप फीस” देने की बात सामने आती है. यानी अगर कोई व्यक्ति रिलेशनशिप खत्म करता है, तो उसे अपने पार्टनर को एक तय रकम देनी पड़ सकती है. यह कोई कानून नहीं है, बल्कि एक सामाजिक चलन और बहस का विषय बन चुका है. इस अजीब लगने वाली परंपरा ने लोगों को दो हिस्सों में बांट दिया है- कुछ इसे रिश्ते में लगाए गए समय और भावनाओं का सम्मान मानते हैं, तो कुछ इसे प्यार को पैसों से जोड़ने वाली सोच बताते हैं.
कैसे तय होती है ब्रेकअप फीस?
ब्रेकअप फीस के लिए चीन में कोई तय नियम या फॉर्मूला नहीं है. यह पूरी तरह दोनों लोगों की बातचीत, रिश्ते की लंबाई और हालात पर निर्भर करता है. कई मामलों में यह रकम कुछ हजार युआन तक सीमित रहती है, जबकि कुछ चर्चित उदाहरणों में यह राशि काफी बड़ी भी बताई गई है. इस सोच के पीछे तर्क यह दिया जाता है कि लंबे समय तक चलने वाले रिश्ते में दोनों लोग एक-दूसरे के लिए समय निकालते हैं, भावनात्मक रूप से जुड़ते हैं और कई बार आर्थिक रूप से भी योगदान देते हैं. ऐसे में अचानक रिश्ता टूटने पर दूसरे व्यक्ति को सिर्फ भावनात्मक ही नहीं बल्कि मानसिक और आर्थिक असर भी झेलना पड़ सकता है.
ब्रेकअप फीस के समर्थन में खड़े लोग मानते हैं कि रिश्ते सिर्फ भावनाओं तक सीमित नहीं रहते. जब कोई व्यक्ति लंबे समय तक किसी के साथ जीवन का हिस्सा बनता है, तो उससे जुड़ी कई उम्मीदें और योगदान भी होते हैं. ऐसे में रिश्ता खत्म होने के बाद किसी तरह की भरपाई गलत नहीं मानी जानी चाहिए. उनका मानना है कि यह तरीका रिश्ते को खत्म करते समय सामने वाले व्यक्ति के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता दिखाने जैसा हो सकता है.
हर कोई नही है सहमत
दूसरी ओर, इस प्रथा की आलोचना भी काफी होती है. कई लोगों का कहना है कि प्यार और रिश्तों को पैसों के आधार पर नहीं मापा जाना चाहिए. अगर रिश्ते की कीमत तय होने लगे, तो इससे भावनाओं की जगह लेन-देन हावी हो सकता है. कुछ लोगों के अनुसार, यह सोच रिश्तों को और जटिल बना सकती है और लोगों के बीच आर्थिक अपेक्षाएं बढ़ा सकती है.
सबसे जरूरी बात यह है कि चीन में किसी व्यक्ति को सिर्फ इसलिए पैसे देने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता क्योंकि उसने रिश्ता खत्म किया है. यानी यह कोई कानूनी जिम्मेदारी नहीं है. हालांकि अगर दोनों लोगों ने पहले से कोई लिखित समझौता किया हो और उसमें ब्रेकअप के समय भुगतान की शर्त शामिल हो, तो उस स्थिति में मामला कानूनी चर्चा का हिस्सा बन सकता है. ऐसे कुछ मामले अदालत तक भी पहुंचे हैं.
सोशल मीडिया पर क्यों हो रही है इतनी चर्चा?
सोशल मीडिया ने इस विषय को और ज्यादा चर्चा में ला दिया है. कुछ लोग इसे आधुनिक रिश्तों की बदलती सोच बताते हैं, तो कुछ इसे प्यार का बढ़ता हुआ व्यावसायीकरण मानते हैं. एक चर्चित मामले के बाद यह मुद्दा और सुर्खियों में आया, जब ब्रेकअप के बाद एक व्यक्ति द्वारा बड़ी रकम दिए जाने की खबर सामने आई. हालांकि ऐसे मामले बहुत आम नहीं हैं और अधिकांश रिश्तों में किसी तरह की आर्थिक भरपाई नहीं होती.


