अगले महीने रूस से भारत को मिलेगी एस-400 की चौथी किल, भारत की हवाई रक्षा अब और होगा घातक
भारत और रूस के बीच हुई पांच एस-400 मिसाइल डील में से चौथी मिसाइल अगले महीने मई में भारत आ सकती है. इससे भारतीय वायु सेना की हवाई सुरक्षा क्षमता और भी ज्यादा मजबूत हो जाएगी.

नई दिल्ली: भारतीय वायु सेना की हवाई सुरक्षा क्षमता जल्द और मजबूत होने वाली है. सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, भारत को मई 2026 की शुरुआत में रूस से एस-400 ट्रायम्फ मिसाइल प्रणाली की चौथी इकाई मिलने की संभावना है. यह मिसाइल भारत के लिए बेहद ही प्रभावशाली है.
2018 के सौदे के तहत डिलीवरी जारी
अक्टूबर 2018 में भारत ने रूस के साथ 5 अरब डॉलर की लागत से पांच एस-400 प्रणालियों की खरीद का बड़ा सौदा किया था. इसमें से तीन इकाइयां पहले ही भारत पहुंच चुकी हैं. अब चौथी इकाई अगले महीने भारत आने वाली है. सूत्रों का कहना है कि पांचवी और आखिरी इकाई की डिलीवरी नवंबर 2026 तक पूरी होने की उम्मीद है. चौथी इकाई पहले ही रूस से रवाना हो चुकी है और आने वाले दिनों में भारत पहुंचने वाली है.
नई खरीद का प्रस्ताव पास
पिछले महीने भारत ने रूस से पांच और एस-400 मिसाइल प्रणालियों की अतिरिक्त खरीद को मंजूरी दे दी है. इससे कुल संख्या 10 हो जाएगी. नई खरीद को पुरानी खरीद का अनुगामी आदेश माना जा रहा है.
अमेरिकी प्रतिबंधों से कोई बाधा नहीं
सात साल पहले इस सौदे पर हस्ताक्षर हुए थे. उस समय अमेरिका ने CAATSA प्रतिबंधों की चेतावनी दी थी, लेकिन सूत्र बताते हैं कि भारत को अमेरिकी प्रतिबंधों से किसी तरह की बाधा की उम्मीद नहीं है.
ऑपरेशन सिंदूर में एस-400 की अहम भूमिका
एस-400 प्रणाली ने मई 2025 में पाकिस्तान के साथ हुए सैन्य संघर्ष ऑपरेशन सिंदूर के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. भारतीय वायु सेना ने इस उन्नत मिसाइल सिस्टम का प्रभावी इस्तेमाल किया. संघर्ष के बाद भारत ने अतिरिक्त एस-400 इकाइयों की खरीद का प्रस्ताव रखा. रूस भारतीय सैन्यकर्मियों को इस प्रणाली को संचालित करने का प्रशिक्षण भी पहले ही दे चुका है.
एस-400 की खासियत
एस-400 ट्रायम्फ को दुनिया की सबसे उन्नत लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल रक्षा प्रणाली माना जाता है. यह एक साथ कई हवाई लक्ष्यों को ट्रैक कर उन्हें नष्ट करने में सक्षम है. इस डिलीवरी से भारत की हवाई सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी, खासकर दोनों मोर्चों पर संभावित खतरों से निपटने में ज्यादा आसानी होगी.


