Indian Air Force Day: हर साल 8 अक्टूबर को भारतीय वायुसेना (IAF) अपने स्थापना दिवस के अवसर पर गौरव और उत्साह के साथ समारोह मनाती है. इस वर्ष 93वां स्थापना दिवस गाजियाबाद के हिंडन एयर फोर्स स्टेशन पर आयोजित किया जा रहा है. मुख्य परेड का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें एयरफोर्स के जांबाज अधिकारी अपने साहसिक और हैरतअंगेज करतब पेश करेंगे.
भारतीय वायुसेना न केवल देश की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, बल्कि इसकी ऐतिहासिक उपलब्धियां और अद्वितीय क्षमताएं इसे विश्व की ताकतवर वायु सेनाओं में शामिल करती हैं. आइए जानते हैं भारतीय वायु सेना से जुड़े 10 रोचक तथ्य.
भारतीय वायुसेना की स्थापना 8 अक्टूबर 1932 को ब्रिटिश शासन के तहत एक सहायक बल के रूप में हुई थी. इसे शुरू में "रॉयल इंडियन एयरफोर्स" कहा जाता था.
भारतीय वायुसेना कर्मियों और विमानों की संख्या के मामले में दुनिया की चौथी सबसे बड़ी वायुसेना है. इसके पास लगभग 1,700 विमान हैं और 1,40,000 से अधिक कर्मी कार्यरत हैं.
भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के साथ 1947, 1965, 1971 और 1999 के युद्धों में तथा चीन के साथ 1962 के युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
लद्दाख के दौलत बेग ओल्डी में स्थित यह हवाई पट्टी समुद्र तल से 16,614 फीट की ऊँचाई पर है. यह सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है.
भारतीय वायुसेना के पास सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000 और तेजस जैसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमान हैं.
वायुसेना का आदर्श वाक्य है "नभः स्पृशं दीप्तम", जो भगवद गीता के ग्यारहवें अध्याय से लिया गया है.
भारतीय वायुसेना ने ऑपरेशन मेघदूत, ऑपरेशन सफेद सागर, ऑपरेशन पुमलाई, ऑपरेशन बालाकोट और ऑपरेशन सिंदूर जैसे ऑपरेशन किए हैं. ऑपरेशन सफेद सागर 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान महत्वपूर्ण रहा.
वायुसेना की महिला विंग में कई साहसी अधिकारी हैं. विंग कमांडर व्योमिका सिंह और कर्नल सोफिया कुरैशी ने ऑपरेशन सिंदूर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. वहीं विंग कमांडर निकिता पांडे ऑपरेशन बालाकोट और ऑपरेशन सिंदूर में सक्रिय रहीं.
भारतीय वायुसेना प्राकृतिक आपदाओं और आपदा राहत कार्यों में भी अग्रणी रही है.
2013 में आपदा राहत के दौरान वायुसेना ने आठ स्थानों से 45 विभिन्न हेलीकॉप्टरों का संचालन किया, 3,536 मिशन पूरे किए और 65 दिनों में 23,892 नागरिकों को सुरक्षित निकाला. यह उपलब्धि संकट में मानवता की सेवा में वायुसेना की प्रतिबद्धता और क्षमता को दर्शाती है.
भारतीय वायुसेना न केवल रक्षा बल के रूप में अपनी भूमिका निभाती है, बल्कि साहस, तकनीक और मानवीय सेवाओं के क्षेत्र में भी मिसाल कायम करती है. इस स्थापना दिवस पर उसके जांबाज अधिकारियों और आधुनिक तकनीक की अद्भुत क्षमताओं को याद करना और सम्मान देना विशेष महत्व रखता है.
First Updated : Wednesday, 08 October 2025