सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने शुक्रवार को पाकिस्तान को साफ संदेश देते हुए कहा कि अगर वह वैश्विक मानचित्र पर बने रहना चाहता है तो उसे भारत में आतंकवाद का समर्थन करना तुरंत बंद करना होगा. उन्होंने जोर देकर कहा कि भारतीय सेना अब ऑपरेशन सिंदूर 1.0 जैसी संयमित प्रतिक्रिया नहीं दिखाएगी और इस बार पाकिस्तान को स्पष्ट संकेत मिलेगा कि भारत अधिक निर्णायक और सशक्त कदम उठाने के लिए तैयार है.
जनरल द्विवेदी ने कहा कि अगर पाकिस्तान भूगोल में रहना चाहता है, तो उसे राज्य प्रायोजित आतंकवाद को रोकना होगा. इस बार हम ऐसा कदम उठाएंगे जिससे पाकिस्तान को गंभीरता से सोचना पड़ेगा. उनका यह बयान सीमा सुरक्षा और रणनीतिक तैयारी को लेकर भारत की कड़ा रुख दिखाता है.
जनरल द्विवेदी ने बीकानेर सैन्य स्टेशन समेत विभिन्न अग्रिम क्षेत्रों का दौरा कर सैनिकों की परिचालन तैयारियों का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों, पूर्व सैनिकों और स्थानीय गणमान्य नागरिकों से बातचीत की. उन्होंने सेना की आधुनिकीकरण, तकनीकी उन्नयन और युद्ध तैयारियों को मजबूत बनाने के प्रयासों पर विशेष जोर दिया.
उन्होंने राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले पूर्व सैनिकों लेफ्टिनेंट कर्नल हेम सिंह शेखावत, लेफ्टिनेंट कर्नल बीरबल बिश्नोई, रिसालदार भंवर सिंह और हवलदार नखत सिंह को सम्मानित किया. यह सम्मान उनके समर्पण और सैन्य उत्कृष्टता के लिए दिया गया.
वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर की सराहना करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक मिसाल बताया. उन्होंने प्रेस वार्ता में कहा कि भारतीय वायुसेना ने अपनी लड़ाकू क्षमता को और बढ़ाने के लिए रोडमैप 2047 तैयार किया है.
उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर ने तीनों सशस्त्र सेवाओं के बीच सफल समन्वय और रणनीतिक दक्षता को प्रदर्शित किया. उन्होंने कहा कि भारतीय सेना ने लगभग 300 किलोमीटर दूर स्थित लक्ष्यों पर सटीक प्रहार किया. उन्नत 'सुदर्शन चक्र' प्रणाली पर भी तेजी से काम चल रहा है.
जनरल द्विवेदी और एयर चीफ मार्शल सिंह के बयान यह स्पष्ट करते हैं कि भारतीय सशस्त्र बल सशक्त, आधुनिक और निर्णायक रणनीति के साथ किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं. First Updated : Friday, 03 October 2025