'प्लीज हेल्प, जहाज डूब रहा' अमेरिकी हमले के बाद सामने आया भारतीय क्रू का दिल दहला देने वाला ऑडियो
अमेरिकी सैन्य हमले के बाद एक ऑडियो सामने आई है, जिसमें जहाज पर मौजूद एक भारतीय क्रू मेंबर ने घबराहट भरी आवाज में मदद की गुहार लगा रहा है. उसकी आवाज में डर और बेबसी साफ झलक रही थी.

नई दिल्ली: ओमान के तट के पास एक तेल टैंकर पर हुए अमेरिकी सैन्य हमले के बाद सामने आए एक ऑडियो संदेश ने सभी को झकझोर दिया है. जहाज पर मौजूद एक भारतीय क्रू मेंबर ने घबराहट भरी आवाज में मदद की गुहार लगाई और बताया कि जहाज में आग लग चुकी है तथा उसके डूबने का खतरा बढ़ गया है. इस घटना के बाद समुद्री सुरक्षा और भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है.
SOS कॉल में सुनाई दी दहशत
बताया जा रहा है कि एमटी मारिवेक्स नामक टैंकर पर हमले के बाद एक नाविक ने आपातकालीन संदेश भेजा. उसने कहा कि जहाज के इंजन रूम को गंभीर नुकसान पहुंचा है और उसमें पानी भरने लगा है. ऑडियो में वह लगातार मदद मांगता सुनाई देता है और बताता है कि जहाज पर मौजूद सभी 24 सदस्य भारतीय नागरिक हैं. क्रू मेंबर ने अधिकारियों से जल्द से जल्द सहायता पहुंचाने की अपील की. उसकी आवाज में डर और बेबसी साफ महसूस की जा सकती थी.
अमेरिका ने क्यों की कार्रवाई?
रिपोर्टों के अनुसार, यह घटना मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच हुई. अमेरिकी सेना का दावा है कि संबंधित टैंकर प्रतिबंधित क्षेत्र की ओर बढ़ रहा था और उसे कई बार चेतावनी दी गई थी. इसके बाद जहाज को रोकने के लिए सैन्य कार्रवाई की गई. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि हमले का उद्देश्य जहाज को निष्क्रिय करना था, न कि क्रू को नुकसान पहुंचाना। हालांकि, इस कार्रवाई के बाद जहाज में आग लग गई और हालात गंभीर हो गए.
सभी भारतीय नाविकों को सुरक्षित निकाला गया
SOS संदेश मिलने के बाद भारतीय और ओमानी अधिकारियों ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया. ओमान की रॉयल एयर फोर्स ने हेलीकॉप्टर भेजकर जहाज पर फंसे सभी 24 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. अधिकारियों ने पुष्टि की कि सभी नाविक सुरक्षित हैं और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है. इस अभियान को अंतरराष्ट्रीय सहयोग का सफल उदाहरण माना जा रहा है.
बढ़ रही हैं समुद्री सुरक्षा चिंताएं
हाल के दिनों में खाड़ी ओमान क्षेत्र में भारतीय क्रू वाले कई जहाजों पर हमलों की घटनाएं सामने आई हैं. ऐसा मानना है कि क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण समुद्री मार्गों पर जोखिम बढ़ गया है. ऐसे में भारतीय नाविकों और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता और बढ़ाने की जरूरत महसूस की जा रही है.


