हमें पता नहीं आगे क्या होगा...ईरान में फंसे भारतीय छात्रों ने सरकार से लगाई मदद की गुहार, वीडियो जारी कर कही ये बात

इजरायल और अमेरिका ने मिलकर ईरान पर हमला कर दिया है. कई शहरों में धमाके हो रहे है. कयास लगाए जा रहे है कि आने वाले समय में यह एक बड़ा युद्ध का रूप भी ले सकता है. इस बीच ईरान में भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है. वहीं ईरन से भारतीय छात्रों ने भी सरकार से मदद की गुहार लगाई है.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

नई दिल्ली : ईरान में बदलते युद्ध के हालातों ने वहां रह रहे भारतीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है. इजरायल और अमेरिका द्वारा किए गए हवाई हमलों से राजधानी तेहरान समेत कई इलाके दहल उठे हैं. शनिवार को भारतीय दूतावास ने सख्त निर्देश जारी करते हुए नागरिकों को घरों के भीतर रहने की सलाह दी है. इस तनावपूर्ण माहौल में सबसे ज्यादा संकट मेडिकल छात्रों पर है. जिन्होंने वीडियो जारी कर प्रधानमंत्री मोदी और विदेश मंत्रालय से मदद मांगी है. ताकि वे सुरक्षित वतन लौट सकें.

दूतावास की नई सुरक्षा एडवाइजरी

आपको बता दें कि दूतावास ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए बदलते सुरक्षा समीकरणों पर गंभीर चिंता जाहिर की है. परामर्श में स्पष्ट कहा गया है कि भारतीय नागरिक अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें और अनावश्यक रूप से सार्वजनिक स्थानों पर न निकलें. दूतावास ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे केवल विश्वसनीय समाचार स्रोतों और आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें. यह अपील उस समय की गई है जब ईरान के कई सामरिक ठिकानों पर बमबारी जारी है और माहौल अत्यंत संवेदनशील बना हुआ है.

छात्रों की भारत सरकार से भावुक अपील

डरे-सहमे छात्रों द्वारा साझा किए गए वीडियो बयां कर रहे हैं कि वहां स्थिति कितनी भयावह हो चुकी है. छात्रों ने बताया कि वे छिपने के लिए सुरक्षित स्थानों की तलाश कर रहे हैं क्योंकि हवाई हमलों की गूंज उनके कमरों तक आ रही है. उन्होंने प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री को संबोधित करते हुए कहा कि उनके पास अब बहुत कम समय बचा है. वे चाहते हैं कि सरकार विमानों का इंतजाम कर उन्हें इस जलते हुए युद्ध क्षेत्र से जल्द से जल्द सुरक्षित निकाल ले.

23 फरवरी को ही ईरान छोड़ने की सलाह दी थी

गौरतलब है कि भारत ने सोमवार 23 फरवरी को ही स्थिति की गंभीरता को भांप लिया था. तब सरकार ने सभी भारतीयों को उपलब्ध कमर्शियल उड़ानों के माध्यम से ईरान छोड़ने की सलाह दी थी. आंकड़ों के मुताबिक वहां 10 हजार से अधिक भारतीय निवास कर रहे हैं. जिनमें बड़ी संख्या छात्रों की है. शुरुआती चेतावनी के बावजूद. कई लोग अपनी नौकरी और पढ़ाई के कारण वहां रुकने का जोखिम उठा बैठे. अब हवाई हमले शुरू होने के बाद उन सभी की मुसीबतें दोगुनी हो गई हैं.

पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों के लिए बड़ी रुकावट 

मेडिकल की पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों के लिए सबसे बड़ी रुकावट उनकी आगामी परीक्षाएं बनी हुई हैं. छात्रों ने खुलासा किया कि 5 मार्च को उनकी एक निर्णायक परीक्षा होनी है. जिसे पास किए बिना उनकी डिग्री अधूरी रह जाएगी और वे डॉक्टरी अभ्यास नहीं कर पाएंगे. इसी परीक्षा के कारण वे अपनी सुरक्षा की अनदेखी कर वहां रुके रहे. लेकिन अब जब आसमान से मिसाइलें बरस रही हैं. तो उन्हें अपनी पढ़ाई से ज्यादा अपनी जान की फिक्र सताने लगी है.

ईरान में धमाकों का सिलसिला जारी 

वर्तमान में ईरान के कई बड़े शहरों में धमाकों का सिलसिला जारी है. जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है. भारत सरकार अब कूटनीतिक स्तर पर बातचीत कर रही है ताकि अपने नागरिकों को सुरक्षित वापस लाया जा सके. छात्रों के परिजनों ने दिल्ली में अधिकारियों से मुलाकात कर शीघ्र कार्यवाही की मांग की है. अगले कुछ दिन वहां फंसे भारतीयों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण होने वाले हैं. क्योंकि युद्ध का विस्तार और अधिक क्षेत्रों में होने की प्रबल संभावना बनी हुई है.

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