मिडिल ईस्ट में जंग का अलार्म: 42 छात्रों की मौत, खामेनेई बने टारगेट, ईरान की ताबड़तोड़ जवाबी कार्रवाई
तेहरान में हुए संयुक्त हमलों के बाद हालात और भयावह हो गए।ईरान ने दावा किया कि 42 स्कूली छात्रों की जान चली गई।खबर से पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया।खामेनेई को निशाना बनाए जाने की भी चर्चा है।मिसाइलों के साथ ईरान ने जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है।

तेहरान में हुए हमलों के बाद ईरान ने दावा किया कि 42 स्कूली छात्रों की जान चली गई। बताया गया कि ये बच्चे स्कूल परिसर के पास मौजूद थे जब धमाकों की आवाज गूंजी। कुछ ही मिनटों में इलाके में अफरातफरी फैल गई। घायल बच्चों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम लगातार उपचार में जुटी रही।अस्पतालों के बाहर परिजनों की भीड़ और बेचैनी साफ दिखाई दी। सरकारी मीडिया ने इसे बड़ी मानवीय त्रासदी बताया। ईरान सरकार ने जांच के आदेश दिए हैं और कई इलाकों में शोक के चलते कक्षाएं स्थगित कर दी गईं।अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने भी घटना पर चिंता जताई है।
क्या खामेनेई भी हमले के दायरे में थे?
रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि हमले सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के दफ्तरों के नजदीक हुए। हालांकि सरकारी सूत्रों ने कहा कि नेतृत्व पूरी तरह सुरक्षित है।खामेनेई को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की जानकारी दी गई। इसके बावजूद राजधानी तेहरान में सुरक्षा अभूतपूर्व स्तर पर बढ़ा दी गई है। संवेदनशील ठिकानों को सील कर दिया गया है। सैन्य और खुफिया एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। सरकार लगातार बयान जारी कर स्थिति को नियंत्रण में बताने की कोशिश कर रही है। लोगों से अफवाहों से दूर रहने की अपील की गई है।
क्या ईरान ने तत्काल जवाबी कार्रवाई की?
हमलों के कुछ ही घंटों के भीतर ईरान ने मिसाइलें दागीं। इजरायल के कई हिस्सों में सायरन बजने लगे।इजरायली सेना ने कहा कि उसकी रक्षा प्रणाली सक्रिय है और कई मिसाइलों को हवा में ही निष्क्रिय कर दिया गया।तेहरान ने “कठोर और निर्णायक जवाब” की चेतावनी दी है।दोनों देशों के बीच टकराव अब खुलकर सामने आ चुका है।सीमा पार हमलों की आशंका बढ़ गई है।आसमान इस संघर्ष का मुख्य रणक्षेत्र बन चुका है।दोनों तरफ से बयानबाजी भी तेज हो गई है।
क्या अमेरिका ने अपनी भूमिका स्वीकार की?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पुष्टि की कि अमेरिका इस अभियान में शामिल है।उन्होंने इसे “बड़ा और कठिन फैसला” बताया।ट्रंप ने यह भी स्वीकार किया कि इस ऑपरेशन के दौरान अमेरिकी हताहतों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।अमेरिका ने कार्रवाई को सुरक्षा और रणनीतिक आवश्यकता बताया है।वॉशिंगटन और तेहरान के बीच कूटनीतिक संवाद फिलहाल ठप नजर आ रहा है।अमेरिकी सैन्य ठिकानों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया पर बारीकी से नजर रखी जा रही है।
क्या खाड़ी क्षेत्र में भी बढ़ी सतर्कता?
संघर्ष के बाद कई देशों ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया।दूतावासों ने नागरिकों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है।तेहरान में इंटरनेट सेवाएं बाधित होने की खबर सामने आई।ईरान समर्थित हूती समूह की संभावित सक्रियता को लेकर भी चिंता जताई जा रही है।शिपिंग रूट्स पर खतरे की आशंका बढ़ी है।तेल बाजार में उतार-चढ़ाव देखा गया।एयरलाइंस ने कई उड़ानें रद्द कर दी हैं।पूरे मध्य पूर्व में सुरक्षा एजेंसियां चौकन्नी हैं।
क्या यह टकराव और गहरा सकता है?
42 मासूम छात्रों की मौत ने इस संघर्ष को और संवेदनशील बना दिया है।ईरान ने बदले की बात दोहराई है।इजरायल ने हमले जारी रखने के संकेत दिए हैं।अमेरिका खुलकर इजरायल के साथ खड़ा है।संयुक्त राष्ट्र और अन्य वैश्विक संस्थाओं की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।राजनयिक समाधान की मांग तेज हो रही है।लेकिन जमीनी हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं।अब दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिन इस संघर्ष को किस दिशा में ले जाते हैं।


