फिल्म निर्माता और पूर्व CBFC अध्यक्ष पहलाज निहलानी का निधन, 76 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस
हिंदी सिनेमा के दिग्गज फिल्म निर्माता और पूर्व CBFC अध्यक्ष पहलाज निहलानी का 76 वर्ष की उम्र में निधन हो गया. आंखें, शोला और शबनम जैसी हिट फिल्मों के निर्माता रहे निहलानी ने गोविंदा और चंकी पांडे जैसे सितारों के करियर को भी नई पहचान दिलाई थी.

मुंबई: हिंदी सिनेमा के जाने-माने फिल्म निर्माता और केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के पूर्व अध्यक्ष पहलाज निहलानी का 76 वर्ष की आयु में निधन हो गया. उनके निधन की खबर से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है. उनका अंतिम संस्कार आज दोपहर 3 बजे मुंबई के सांताक्रूज में किया जाएगा.
पहलाज निहलानी ने बॉलीवुड में निर्माता के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई थी. उन्होंने कई सफल फिल्मों का निर्माण किया और कई कलाकारों के करियर को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. विशेष रूप से गोविंदा और चंकी पांडे जैसे सितारों को शुरुआती दौर में बड़े अवसर देने का श्रेय भी उन्हें जाता है.
लंबे समय से स्वास्थ्य समस्याओं से थे परेशान
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पहलाज निहलानी पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना कर रहे थे. बताया जा रहा है कि वह लीवर से जुड़ी बीमारी से जूझ रहे थे.
स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद उन्हें मुंबई के नानावती अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली.
हिंदी सिनेमा में बनाया खास मुकाम
पहलाज निहलानी हिंदी फिल्म उद्योग का एक चर्चित नाम रहे. उन्होंने निर्माता के रूप में कई सफल फिल्मों का निर्माण किया और बाद में केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में भी अपनी पहचान बनाई.
उनके बैनर तले बनी फिल्मों में आंखें, अंदाज़, तलाश, रंगीला राजा और जूली 2 जैसी फिल्में शामिल हैं. फिल्म निर्माण और सेंसर बोर्ड में उनकी भूमिका ने उन्हें इंडस्ट्री की प्रभावशाली हस्तियों में शामिल किया.
1982 में शुरू हुआ फिल्मी सफर
पहलाज निहलानी ने 1980 के दशक की शुरुआत में फिल्म निर्माण के क्षेत्र में कदम रखा. उनकी पहली प्रोडक्शन फिल्म हाथकड़ी वर्ष 1982 में रिलीज हुई थी.
इसके बाद 1985 में आंधी-तूफान रिलीज हुई, जिसने निर्माता के रूप में उनकी पहचान को और मजबूत किया.
गोविंदा और चंकी पांडे के करियर में निभाई अहम भूमिका
उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक फिल्म इल्ज़ाम (1986) मानी जाती है. इसी फिल्म के जरिए गोविंदा ने मुख्य अभिनेता के रूप में बॉलीवुड में कदम रखा था.
इसके अगले वर्ष उन्होंने आग ही आग का निर्माण किया, जिससे चंकी पांडे को हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में पहचान मिली.
कई सुपरहिट फिल्मों का किया निर्माण
अपने लंबे करियर के दौरान पहलाज निहलानी ने गुनाहों का फैसला, पाप की दुनिया, मिट्टी और सोना, शोला और शबनम और आंखें जैसी कई लोकप्रिय व्यावसायिक फिल्मों का निर्माण किया.
इनमें आंखें 1990 के दशक की सबसे सफल और अधिक कमाई करने वाली फिल्मों में शामिल रही. यह फिल्म आज भी उनके करियर की सबसे बड़ी सफलताओं में गिनी जाती है.
निर्देशन और अभिनय में भी आजमाया हाथ
फिल्म निर्माण के अलावा उन्होंने निर्देशन के क्षेत्र में भी कदम रखा. वर्ष 2012 में उन्होंने गोविंदा अभिनीत फिल्म अवतार का निर्देशन किया.
इसके अलावा 2008 में रिलीज हुई फिल्म हल्ला बोल में उन्होंने एक छोटी भूमिका भी निभाई थी.
2015 में बने थे CBFC के अध्यक्ष
जनवरी 2015 में पहलाज निहलानी को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था.
सेंसर बोर्ड में उनका कार्यकाल लगातार चर्चा और विवादों के कारण सुर्खियों में रहा. अगस्त 2017 में गीतकार और विज्ञापन विशेषज्ञ प्रसून जोशी ने उनकी जगह सीबीएफसी अध्यक्ष का पद संभाला.


