ईरान पर अमेरिका का ताबड़तोड़ हमला जारी! 12वीं रात भी बरसे बम, ट्रंप के नए संकेतों से मचा हड़कंप
अमेरिका ने लगातार 12वीं रात ईरान के सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए, जिससे दक्षिणी ईरान के सिरिक क्षेत्र में जोरदार धमाके सुनाई दिए और दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया.

नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता सैन्य तनाव अब और गंभीर होता दिखाई दे रहा है. अमेरिका ने लगातार 12वीं रात ईरान के अलग-अलग इलाकों पर हवाई हमले किए, जिससे दक्षिणी ईरान का सिरिक क्षेत्र धमाकों की आवाजों से गूंज उठा. लगातार हो रहे इन हमलों ने पूरे पश्चिम एशिया में चिंता बढ़ा दी है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हालात पर नजर रखी जा रही है.
दक्षिणी ईरान में फिर हुए धमाके
ईरानी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिणी ईरान के सिरिक इलाके में बुधवार रात कई जोरदार विस्फोट सुनाई दिए. इससे पहले भी अमेरिकी सेना ईरान के कई सैन्य ठिकानों और रणनीतिक द्वीपों को निशाना बना चुकी है. स्थानीय स्तर पर सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया गया है और प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है.
सेंटकॉम ने हमलों की पुष्टि की
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में नए हमलों की पुष्टि की. सेंटकॉम के मुताबिक, राष्ट्रपति के निर्देश पर अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई जारी रखी है. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि अभियान का उद्देश्य ईरान की सैन्य गतिविधियों को सीमित करना और समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है.
सैन्य ठिकानों को बनाया जा रहा निशाना
अमेरिकी सेना का दावा है कि हाल के अभियानों में एयरक्राफ्ट हैंगर, ड्रोन स्टोरेज साइट, सैन्य ऑपरेशन सेंटर, समुद्री क्षमताओं से जुड़े ठिकानों और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया गया है. अमेरिका का कहना है कि इन हमलों से ईरान की सैन्य क्षमता कमजोर होगी और होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा बेहतर होगी.
ईरान भी दे रहा जवाब
दूसरी ओर, ईरान भी अमेरिकी कार्रवाई का जवाब दे रहा है. हाल ही में होर्मुज स्ट्रेट में एक तेल टैंकर को निशाना बनाए जाने की घटना सामने आई. इसके अलावा बहरीन और कुवैत में संभावित मिसाइल हमलों की आशंका के चलते चेतावनी सायरन भी बजाए गए. इससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है.
ट्रंप का सख्त रुख
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ संकेत दिए हैं कि फिलहाल ईरान के साथ बातचीत की कोई संभावना नहीं है. उन्होंने यह भी इशारा किया कि अमेरिकी सेना आगे ईरान के उन इलाकों को भी निशाना बना सकती है जो उसके प्रमुख यूरेनियम संवर्धन केंद्रों के करीब हैं.


