शॉर्ट सर्किट के कारण लगी आग, दिल्ली मालवीय नगर अग्निकांड को लेकर हुआ बड़ा खुलासा
दिल्ली के मालवीय नगर अग्निकांड को लेकर सूत्रों के हवाले से खबर सामने आई है कि दिल्ली के होटल में आग शॉर्ट सर्किट और बिल्डिंग में खराब वायरिंग के कारण लगी थी.

नई दिल्ली: दिल्ली के मालवीय नगर स्थित हौजरानी इलाके में बुधवार सुबह एक दर्दनाक अग्निकांड ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया. वहीं अब सूत्रों के हवाले से खबर सामने आई है कि दिल्ली के होटल में आग शॉर्ट सर्किट और बिल्डिंग में खराब वायरिंग के कारण लगी थी. बता दें, ये आग हौजरानी के होटल की एक बहुमंजिला इमारत में लगी थी और आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिस कारण 21 लोगों की जान चली गई. वहीं कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए.
सिलेंडर फटने से किया इंकार
बता दें, घटना के बाद शुरुआती जांच में ऐसा कहा जा रहा था कि बुल्डिंग में आग सिलेंडर के फटने से लगी है. हालांकि अब अधिकारीयों द्वारा इस बात से पूरी तरह इंकार कर दिया गया है. सूत्रों के अनुसार, बिल्डिंग में दो रसोइया थी, जिसमें से एक बेसमेंट में थी और दूसरी ऊपर वाली मजिल पर. हालांकि वहां कई सारे एलपीजी सिलेंडर रखे हुए थे लेकिन सिलेंडर के विस्फोट को लेकर घटना स्थल से कोई भी सबूत नहीं मिला है.
पुलिस अधिकारीयों को क्या कहना?
घटना को लेकर पुलिस अधिकारियों का कहना कि जितनी तेजी से पूरी बिल्डिंग में आग फैली उससे यही संकेत मिलते है यह आग बिल्डिंग की अंधरुनि तारों में गड़बड़ी और खराबी के कारण शॉर्ट सर्किट से लगी होगी. क्योंकि जांचकर्ताओं का कहना है कि ऐसी स्तिथि में आग तेजी से फैलती है. फिलहाल फोरेंसिक जांच के जरिए घटना के सटीक कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है.
कब लगी आग?
जानकारी के अनुसार, आग इमारत के बेसमेंट संचालित लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट के रसोईघर से शुरू हुई. इस दौरान सुबह करीब पौने दस बजे आग लगने की सूचना मिलने के बाद दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंची लेकिन तब तक आग पूरी पांच मंजिला इमारत में फैल चुकी थी. भवन में रेस्टोरेंट के अलावा एक होमस्टे और पेइंग गेस्ट सुविधा भी संचालित की जा रही थी, जहां कई भारतीय और विदेशी नागरिक ठहरे हुए थे.
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और आपदा राहत दलों ने संयुक्त अभियान शुरू किया। इस दौरान बचावकर्मियों ने 40 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, इनमें से 21 लोगों को बचाया नहीं जा सका. वहीं कई घायलों का उपचार अभी भी विभिन्न अस्पतालों में जारी है.
केवल एक ही रास्ता
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इमारत में प्रवेश और निकास के लिए केवल एक ही रास्ता था. वहीं इस घटना के बाद आग लगने के बाद धुआं तेजी से पूरे भवन में भर गया, जिससे लोगों के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो गया. इस बीच जान बचाने के लिए कई लोगों ने खिड़कियों के शीशे तोड़े, जबकि कुछ ने ऊंची मंजिलों से छलांग लगा दी, जिसके चलते कई लोग घायल हो गए.
स्थानीय लोगों ने निभाई जिम्मेदारी
बता दें, घटना के दौरान स्थानीय लोगों ने भी राहत कार्य में अहम भूमिका निभाई. जानकारी के अनुसार, दमकल कर्मियों के पहुंचने से पहले आसपास के निवासियों ने लोगों को बचाने का प्रयास शुरू कर दिया था. कुछ लोगों ने जमीन पर गद्दे बिछाकर कूदने वालों की मदद की, जबकि अन्य ने घायलों को प्राथमिक उपचार और सीपीआर देकर उनकी जान बचाने की कोशिश की.


