जंतर-मंतर पर बवाल, प्रदर्शनकारियों के पथराव में 2 ACP समेत 4 पुलिसकर्मी घायल

नीट परीक्षा में गड़बड़ियों और शिक्षा प्रणाली में व्यापक सुधारों की मांगों को लेकर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का जंतर-मंतर क्षेत्र संघर्ष का मैदान बन गया है. कॉकरोच जनता पार्टी और युवा प्रदर्शनकारियों का विरोध प्रदर्शन बुधवार को अचानक हिंसक हो उठा.

Nidhi Jha
Edited By: Nidhi Jha

नई दिल्ली: नीट परीक्षा में गड़बड़ियों और शिक्षा प्रणाली में व्यापक सुधारों की मांगों को लेकर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का जंतर-मंतर क्षेत्र संघर्ष का मैदान बन गया है. कॉकरोच जनता पार्टी और युवा प्रदर्शनकारियों का विरोध प्रदर्शन बुधवार को अचानक हिंसक हो उठा. प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच दो बार भारी टकराव हुआ, जिसमें पुलिस पर पथराव किया गया. इस दौरान तीन वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों सहित कई जवान गंभीर रूप से घायल हो गए. स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कोलकाता से सीआरपीएफ की 20 अतिरिक्त कंपनियों को तुरंत दिल्ली में तैनात करने का आदेश दिया है.

एसीपी समेत कई जवान घायल

घटनाक्रम की शुरुआत दोपहर करीब 4:30 बजे हुई, जब जंतर-मंतर पर जुटे प्रदर्शनकारियों की पुलिसकर्मियों के साथ तीखी नोकझोंक के बाद धक्का-मुक्की शुरू हो गई. देखते ही देखते उपद्रवियों ने बोतलें और पत्थर फेंकने शुरू कर दिए, जिससे पंजाबी बाग के एसीपी जयप्रकाश जख्मी हो गए. पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को खदेड़ दिया.

सुरक्षाकर्मियों पर हमला

हालांकि, इसके बाद रात करीब 8:30 बजे एनडीएमसी चौराहे और टॉलस्टॉय मार्ग के पास उपद्रवियों ने दोबारा सुरक्षाकर्मियों पर हमला कर दिया. इस पथराव में एसीपी विवेक भगत सहित तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए डॉ. राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल में भर्ती कराया गया. स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और पुलिस बलों ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया.

दर्ज की FIR

दिल्ली पुलिस ने आरएएफ के जवानों और सरकारी वाहनों पर हमला करने वाले अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है. वहीं, दिल्ली उच्च न्यायालय ने प्रदर्शन के दौरान दर्ज मामलों की सुनवाई करते हुए प्रशासन को घटना से संबंधित सभी सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश जारी किए हैं.

केजरीवाल की सरकार को चेतावनी

आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर सरकार को चेताया है. उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी 'जेन-जी' युवा हैं जो किसी से डरने वाले नहीं हैं, इसलिए सरकार को उनके खिलाफ क्रैकडाउन या सख्त बल प्रयोग जैसी गलती करने से बचना चाहिए. प्रदर्शन के चलते बुधवार को बंद किए गए 16 मेट्रो स्टेशनों को रात में स्थिति सामान्य होने पर दोबारा खोल दिया गया था. हालांकि पूरे लुटियंस क्षेत्र में धारा 144 के तहत सुरक्षा के सख्त इंतजाम लागू हैं.

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