IPS सतीश गोलचा होंगे दिल्ली के नए पुलिस कमिश्नर, सीएम रेखा गुप्ता पर हमले के बाद गृह मंत्रालय ने लिया बड़ा फैसला
सतीश गोलचा को दिल्ली पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया गया है, यह फैसला मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हुए हमले के बाद लिया गया. गोलचा का अनुभव और सेवा रिकॉर्ड उन्हें इस संवेदनशील पद के लिए उपयुक्त बनाता है. दिल्ली सरकार ने हमले को लोकतंत्र पर हमला बताते हुए कड़ी कार्रवाई की है.

1992 बैच के आईपीएस अधिकारी सतीश गोलचा को दिल्ली का नया पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया गया है. यह नियुक्ति एक ऐसे समय में हुई है जब राजधानी में कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं, खासकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हुए हमले के बाद.
नियुक्ति की आधिकारिक घोषणा
गृह मंत्रालय द्वारा जारी आदेश में बताया गया कि 1992 बैच के एजीएमयूटी कैडर के अधिकारी सतीश गोलचा अब दिल्ली पुलिस के प्रमुख होंगे. वे अभी तक दिल्ली के महानिदेशक (कारागार) के पद पर कार्यरत थे. अब वे एसबीके सिंह का स्थान लेंगे, जो अस्थायी रूप से पुलिस आयुक्त का कार्यभार संभाल रहे थे.
आदेश में कहा गया कि सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति से सतीश गोलचा को दिल्ली पुलिस आयुक्त नियुक्त किया जाता है. उनकी नियुक्ति कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी होगी और अगले आदेश तक जारी रहेगी.
पुलिस विभाग में लंबा अनुभव
सतीश गोलचा को पुलिस विभाग में तीन दशकों का अनुभव है. वे न केवल दिल्ली पुलिस के कई अहम पदों पर रह चुके हैं, बल्कि सीबीआई में भी सेवाएं दे चुके हैं. उन्होंने खुफिया, अपराध, कानून व्यवस्था और जेल प्रशासन जैसे क्षेत्रों में कार्य किया है, जिससे उन्हें राजधानी की जटिल सुरक्षा चुनौतियों को समझने का अनुभव मिला है.
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हमले के बाद कार्रवाई
यह नेतृत्व परिवर्तन ऐसे समय में हुआ है जब दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर बुधवार को उनके सिविल लाइंस आवास पर हमला हुआ था. वे जनता की शिकायतें सुनने के लिए जनसुनवाई कर रही थीं, तभी एक व्यक्ति ने अचानक उन पर हाथ उठा दिया.
हमलावर ने खुद को याचिकाकर्ता बताया और मुख्यमंत्री को थप्पड़ मारने के साथ-साथ बाल खींचे और धक्का भी दिया. गार्डों ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को पकड़ लिया.
आरोपी की पहचान
हमलावर की पहचान राजकोट, गुजरात के निवासी 41 वर्षीय राजेश भाई खिमजी भाई सकारिया के रूप में हुई है. उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया और उसके खिलाफ आईपीसी की कई धाराओं के तहत हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है.
मुख्यमंत्री का बयान
मुख्यमंत्री गुप्ता ने हमले की निंदा करते हुए इसे "कायराना हरकत" बताया. उन्होंने कहा, "ऐसे हमले मेरे सेवा भाव को कमजोर नहीं कर सकते. मैं पहले से कहीं अधिक समर्पण और ऊर्जा के साथ जनता के बीच मौजूद रहूंगी."


