US-Iran डील का PM मोदी ने किया स्वागत, दुनिया की अर्थव्यवस्था को मिल सकती है बड़ी राहत
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव अब खत्म होने वाला है. अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते को पीएम मोदी ने स्वागत किया है. उन्होने इस समझौते को क्षेत्र में शांति और स्थिरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है.

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में कई महीनों से जारी तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते का भारत ने स्वागत किया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समझौते को क्षेत्र में शांति और स्थिरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है. उन्होंने उम्मीद जताई कि यह समझौता न केवल संघर्ष को समाप्त करने में मदद करेगा, बल्कि वैश्विक व्यापार और समुद्री परिवहन को भी सामान्य बनाने में सहायक साबित होगा.
भारत ने जताई समाधान की उम्मीद
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया में लंबे समय से चल रहे संघर्ष का असर केवल क्षेत्र तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका प्रभाव पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ा है. कई देशों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा और बड़ी संख्या में लोगों की जान भी गई.
उन्होंने कहा कि भारत हमेशा से संवाद और कूटनीति के जरिए विवादों के समाधान का समर्थन करता रहा है. इसी नीति के तहत भारत लगातार सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील करता रहा है.
I welcome the understanding reached between the United States and Iran on ending the conflict in West Asia, which has caused serious economic disruption across the world and led to loss of life in many countries.
— Narendra Modi (@narendramodi) June 15, 2026
India hopes that the implementation of this understanding will…
होर्मुज जलडमरूमध्य के खुलने से मिलेगी राहत
अमेरिका और ईरान के बीच समझौते के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य के दोबारा खुलने की संभावना बढ़ गई है. यह समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल और व्यापारिक रास्तों में से एक माना जाता है.
पिछले कुछ महीनों में यहां तनाव के कारण वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हुई थी और कच्चे तेल की कीमतों में भी तेज बढ़ोतरी देखने को मिली थी. भारत सहित कई देशों ने इस मार्ग को खुला रखने की आवश्यकता पर जोर दिया था.
बाजारों पर दिखा सकारात्मक असर
शांति समझौते की खबर का असर वैश्विक और भारतीय बाजारों पर तुरंत दिखाई दिया. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, जिससे ऊर्जा आयात करने वाले देशों को राहत मिलने की उम्मीद है.
भारतीय शेयर बाजार में भी सकारात्मक माहौल देखने को मिला. निवेशकों ने समझौते को वैश्विक आर्थिक स्थिरता के लिए अच्छा संकेत माना, जिसके चलते बाजार में तेजी दर्ज हुई। साथ ही रुपये में भी मजबूती देखने को मिली.


