नई दिल्ली : नए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO)सेवा तीर्थ में आज यानी मंगलवार को केंद्रीय कैबिनेट की पहली बैठक आयोजित हुई. इस दौरान केंद्रीय मंत्रिमंडल ने केरल का नाम बदलकर 'केरलम' करने को मंजूरी दे दी है. केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, ' जब से भाषा के आधार पर राज्य का गठन हुआ है, तब से यहां के लोगों की मांग थी कि केरल का नाम बदलर केरलम कर दिया जाए. जनता की मांग को अब कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है.'
आपको बता दें कि कैबिनेट का द्वारा नाम बदलने का फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब इस साल राज्य में विधानसभा के चुनाव होने वाले है. सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि केरल का नाम बदलने वाले विधेयक को अब राज्य के विधानसभा में मंजूरी के लिए भेजा जाएगा. उन्होंने कहा कि नए पीएमओ कार्यालय से 140 करोड़ लोगों के हित में फैसले लेन का प्रस्ताव पारित किया गया है.
दरअसल, आज यानी मंगलवार को नए प्रधानमंत्री कार्यालय 'सेवा तीर्थ' में आयोजित कैबिनेट की यह पहली बैठक थी. 24 जून, 2024 को केरल विधानसभा से आम सहमति से एक प्रस्ताव पारित किया गया था जिसमें केंद्र सरकार से राज्य का नाम बदलने का आग्रह किया गया था. केरल विधानसभा के द्वारा इस प्रस्ताव को दूसरी बार पारित किया क्योंकि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पहले प्रस्ताव की समीक्षा करते हुए कुछ बदलाव करने के सुझाव दिए थे.
बता दें कि केरल के सीएम पिनरई विजयन चाहते थे कि केंद्र संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल सभी भाषाओं में दक्षिण राज्य का केरल का नाम बदलकर केरलम कर दे. इसके बाद केरल विधानसभा ने साल 2023 में सर्वसम्मत से एक प्रस्ताव को पारित करते हुए केंद्र को भेजा था, लेकिन गृह मंत्रालय ने कुछ तकनीकी कारणों से बदलाव करने के सुझाव दिए थे.
वहीं भारतीय जनता पार्टी के केरल प्रदेश के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने भी इस साल के शुरुआत में ही पीएम मोदी को पत्र लिखकर केरल का नाम केरलम करने की मांग की थी. उन्होंने अपने पत्र में लिखा था कि केरलम का नाम मलयालम भाषा और राज्य में संस्कृतिक पहचान से गहराई से जुड़ा हुआ है. First Updated : Tuesday, 24 February 2026