महाराष्ट्र: महाराष्ट्र के हालिया नगर निगम चुनावों में बीजेपी गठबंधन ने बड़ा दबदबा बनाया, लेकिन मुस्लिम बहुल इलाकों में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने सबको चौंका दिया. जहां बीएमसी से लेकर अन्य 29 नगर निगमों में कुल 2,869 सीटों पर गठबंधन ने जीत हासिल की, वहीं AIMIM ने मुस्लिम वोटरों के बीच मजबूत पकड़ दिखाई और कुल 75 सीटों पर जीत या बढ़त बनाई.
मुंबई में तीन सीटों से शुरू हुआ धमाका
मुंबई बीएमसी में AIMIM ने तीन सीटें जीती. वार्ड 135 से इरशाद खान, वार्ड 134 से महजबीन अतीक अहमद और वार्ड 145 से खैरुनिसा हुसेन ने जीत दर्ज की. हालांकि मुंबई में मुस्लिम वोटरों की संख्या 20% से ज्यादा है, लेकिन AIMIM ने कई अन्य वार्डों में कांग्रेस और एनसीपी के वोट काटकर उनका खेल बिगाड़ दिया.
औरंगाबाद में सबसे बड़ा प्रदर्शन
छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) नगर निगम में AIMIM का सबसे शानदार प्रदर्शन रहा. कुल 115 सीटों में से पार्टी ने 24 सीटों पर जीत हासिल की या आगे चल रही है. यहां पूर्व सांसद इम्तियाज जलील का मजबूत प्रभाव पार्टी की जीत का बड़ा कारण रहा. AIMIM अब यहां एक बड़ी ताकत बन चुकी है.
मालेगांव में किंगमेकर बनी AIMIM
मुस्लिम बहुल मालेगांव नगर निगम कुल 84 सीटों में AIMIM ने 20 सीटों पर बढ़त बनाई है. बीजेपी को सिर्फ 2, शिंदे शिवसेना को 18 और कांग्रेस को महज 3 सीटें मिली हैं. बाकी सीटें अन्य दलों और निर्दलीयों के पास हैं. इतनी सीटों के साथ AIMIM के बिना किसी भी पार्टी का मेयर बनना नामुमकिन है. यहां ओवैसी की पार्टी साफ तौर पर किंगमेकर बनकर उभरी है.
अन्य शहरों में भी मजबूत प्रदर्शन
नांदेड़ वाघाला में AIMIM ने 14 सीटों पर जीत या बढ़त बनाई. धुले में 8, अमरावती में 6 और चंद्रपुर में पहली बार पार्टी ने अपना प्रतिनिधि चुना. जालना में 2 और परभणी में 1 सीट जीती. ये नतीजे दिखाते हैं कि AIMIM अब सिर्फ पारंपरिक गढ़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि महाराष्ट्र की शहरी सियासत में अपनी जगह मजबूत कर रही है.
AIMIM का विस्तार और भविष्य
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि AIMIM की ये सफलता पार्टी के जमीनी स्तर पर चलाए गए अभियान और मुस्लिम मुद्दों पर फोकस का नतीजा है. महाराष्ट्र में मुसलमानों की आबादी करीब 12% है, लेकिन शहरी इलाकों में उनका वोट बैंक AIMIM के लिए बड़ा गेम-चेंजर साबित हो रहा है. First Updated : Friday, 16 January 2026