महाराष्ट्र में महसूस किए गए तेज भूकंप के झटके, रिक्टर स्केल पर रही 4.6 तीव्रता

मराठवाड़ा अंचल के हिंगोली जिले में गुरुवार सुबह कम तीव्रता का एक भूकंप दर्ज किया गया. शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, भूकंप का केंद्र बिंदु हिंगोली ही था.

Nidhi Jha
Edited By: Nidhi Jha

मुंबई: महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में एक बार फिर कुदरत की हलचल ने लोगों को डरा दिया है. गुरुवार की सुबह हिंगोली जिले और उसके आसपास के इलाकों में भूकंप के झटके महसूस किए गए. भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर लगभग 4.6 मापी गई है. राहत की बात यह रही कि सुबह-सुबह आए इन झटकों से लोगों में घबराहट तो फैली, लेकिन तत्काल किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान या बड़ी संपत्ति के क्षतिग्रस्त होने की कोई खबर सामने नहीं आई है.

तीन जिलों में महसूस हुआ कंपन

प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, इस भूकंप का मुख्य केंद्र बिंदु हिंगोली जिला ही था. हालांकि, इसके झटके पड़ोसी जिलों परभणी और नांदेड़ में भी साफ तौर पर महसूस किए गए. स्थानीय निवासियों ने बताया कि सुबह अचानक घरों के अंदर हल्का कंपन शुरू हो गया, जिससे कुछ जगहों पर रखे बर्तन तक खड़खड़ाने लगे. घबराहट के कारण कई लोग तुरंत अपने घरों से बाहर सुरक्षित स्थानों की ओर भागे. हालांकि, स्थिति जल्द ही सामान्य हो गई और किसी भी इमारत के गिरने या किसी नागरिक के घायल होने की सूचना नहीं है.

विशेषज्ञों ने जताई यह राय

भूकंप की खबर मिलते ही जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें तुरंत सक्रिय हो गईं. अधिकारी स्थिति पर पैनी नजर रख रहे हैं। भू-वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों का कहना है कि पृथ्वी की ऊपरी परतों में होने वाली प्राकृतिक हलचल के कारण ऐसे कम से मध्यम तीव्रता के भूकंप आते रहते हैं. हिंगोली, नांदेड़ और परभणी बेल्ट में पहले भी इस तरह की भूकंपीय गतिविधियां देखी गई हैं, जो यह दर्शाती हैं कि यह क्षेत्र टेक्टोनिक रूप से संवेदनशील है.

अप्रैल में भी आया था तेज झटका

गौरतलब है कि इसी साल अप्रैल महीने में भी हिंगोली में 4.7 तीव्रता का एक मजबूत झटका महसूस किया गया था. उस समय हिंगोली के कलेक्टर राहुल गुप्ता ने जानकारी दी थी कि पांगरा शिंदे गांव में कुछ घरों और सामुदायिक भवनों की दीवारों में दरारें आ गई थीं. उस समय भी नांदेड़ और परभणी के कई तालुकों में मामूली ढांचागत नुकसान हुआ था, लेकिन किसी की जान नहीं गई थी.

भूकंप के दौरान क्या करें?

घबराएं नहीं: सबसे जरूरी नियम है कि शांत रहें। घबराहट में अक्सर लोग गलत फैसले लेते हैं, जिससे चोट लगने का खतरा बढ़ जाता है.

अंधाधुंध बाहर न भागें: जब धरती हिल रही हो, तो तेजी से बाहर भागने की कोशिश न करें। ऐसे समय में इमारतों के मलबे या कांच गिरने से घायल होने की आशंका सबसे ज्यादा होती है. किसी मजबूत टेबल या बिस्तर के नीचे चले जाए। 

लिफ्ट का प्रयोग बिल्कुल न करें: बहुमंजिला इमारतों में रहने वाले लोग नीचे उतरने के लिए लिफ्ट का इस्तेमाल कतई न करें. भूकंप के दौरान लिफ्ट का प्रयोग ना करें। हमेशा सीढ़ियों का ही उपयोग करें.

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