ट्रंप के बयान पर भड़के ईरानी विदेश मंत्री, बोले- 'अश्लीलता नहीं, निडरता से देते हैं जवाब'

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जब ईरान के साथ चल रहे युद्धविराम और समझौते की स्थिति को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बेहद आक्रामक रुख अपनाया. ट्रंप ने कहा, मेरे हिसाब से यह समझौता अब खत्म हो चुका है.

Nidhi Jha
Edited By: Nidhi Jha

नई दिल्ली: मिडल ईस्ट में स्थायी शांति बहाली की उम्मीदों को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है. कुछ ही समय पहले दोनों देशों के बीच बड़े शोर-शराबे के साथ हुए 'इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन' के बाद लगा था कि तनाव हमेशा के लिए थम जाएगा. लेकिन पिछले दो दिनों के घटनाक्रम ने दोनों देशों को दोबारा युद्ध के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है. तनाव उस समय और बढ़ गया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस शांति समझौते के भविष्य पर बात करते हुए ईरानियों के खिलाफ बेहद अपमानजनक टिप्पणी की. ट्रंप के बयान पर अब ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने बेहद कड़ा और तीखा पलटवार किया है.

ईरानी बीमार मानसिकता के लोग - ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जब ईरान के साथ चल रहे युद्धविराम और समझौते की स्थिति को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बेहद आक्रामक रुख अपनाया. ट्रंप ने कहा, मेरे हिसाब से यह समझौता अब खत्म हो चुका है. मैं ईरानियों से अब किसी भी तरह का लेन-देन नहीं करना चाहता. ट्रंप ने आगे बेहद विवादित बयान देते हुए कहा कि ईरानी घटिया और बीमार मानसिकता वाले लोग हैं. जिनकी अगुवाई भी बीमार मानसिकता के लोग ही करते हैं, जो बेहद क्रूर और हिंसक हैं.

ईरानी विदेश मंत्री का निडर जवाब

ट्रंप के इस बेहद तल्ख बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि ईरान की सभ्य, प्राचीन और साहसी जनता के लिए ऐसी अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने से उसकी महानता कतई कम नहीं हो जाती. अराघची ने ईरान के गौरवशाली इतिहास का हवाला देते हुए कहा, ईरानी समाज अपनी सभ्यता, समृद्ध संस्कृति और मजबूत नैतिक मूल्यों के लिए दुनिया भर में जाना जाता है. अमेरिकी राष्ट्रपति को आड़े हाथों लेते हुए विदेश मंत्री ने आगे कहा, हम इस तरह की अश्लीलता का जवाब अश्लीलता से नहीं देते. ईरान इसका जवाब अपने अदम्य साहस, निडरता और अपने कर्मों से देता है.

कतर के साथ ईरान की आपातकालीन बातचीत

अमेरिका के साथ बढ़ते सैन्य और कूटनीतिक तनाव के बीच, ईरानी विदेश मंत्री ने इस क्षेत्र के प्रमुख मध्यस्थ देश कतर के विदेश मंत्री से फोन पर लंबी बातचीत की. दोनों नेताओं ने इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की कि अगर मौजूदा स्थिति को तुरंत नहीं संभाला गया, तो पूरा पश्चिम एशिया फिर से एक भीषण युद्ध की आग में झुलस सकता है. ईरान और कतर दोनों ने क्षेत्र में तनाव को और बढ़ने से रोकने के लिए आपस में निरंतर संवाद, तालमेल और समन्वय जारी रखने की जरूरत पर विशेष जोर दिया है.

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