पुणे: महाराष्ट्र का हाई-प्रोफाइल केतन अग्रवाल मर्डर केस इस समय पूरे देश में सुर्खियां बटोर रहा है. मीडिया और सोशल मीडिया पर हर किसी के मन में बस एक ही सवाल कौंध रहा है कि अगर 20 वर्षीय सिया गोयल अपने मंगेतर केतन से शादी नहीं करना चाहती थी, तो उसने सीधे शादी तोड़ने का फैसला क्यों नहीं लिया? इस पेचीदा मामले पर मशहूर लेखक और राजनीतिक समीक्षक चेतन भगत ने एक बेहद अलग और गहरा सामाजिक नजरिया पेश किया है. एक इंटरव्यू में भगत ने तर्क दिया कि यह भयावह त्रासदी केवल एक आपराधिक मामला नहीं है, बल्कि यह रूढ़िवादी बिजनेस परिवारों की आंतरिक बनावट और उनके दबाव में रहने वाले बच्चों की लाचारी को उजागर करती है.
'लाला कंपनियों' का दिखावा और सामाजिक शर्म का डर
चेतन भगत ने हाल ही में एक लेख लिखा था जिसका शीर्षक था, 'व्हाई सिया कुडंट से नो टू मैरिज'. इस लेख के बाद उन पर आरोपियों का पक्ष लेने के आरोप भी लगे, जिस पर स्पष्टीकरण देते हुए भगत ने कहा कि वह किसी अपराधी का बचाव नहीं कर रहे हैं और दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए. भगत के अनुसार, इस पूरी त्रासदी के केंद्र में 'पारिवारिक प्रतिष्ठा' और 'शर्म' का डर है. पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि सिया अपने बॉयफ्रेंड के साथ भागकर कोर्ट मैरिज कर सकती थी, जो सबसे आसान रास्ता था, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया क्योंकि उसे डर था कि इससे समाज में उसके परिवार की थू-थू होगी.
परिवारों पर साधा निशाना
भगत ने विशेष रूप से 10 से 50 करोड़ रुपये के सालाना टर्नओवर वाले छोटे और मध्यम व्यापारिक परिवारों पर निशाना साधा, जिन्हें उन्होंने 'लाला कंपनी' की संज्ञा दी. उन्होंने कहा कि ऐसे परिवारों के जीवन का सबसे बड़ा 'फ्लेक्स' (दिखावा) केवल आलीशान और महंगी शादियां करना होता है.
आर्थिक निर्भरता और खुलकर बात न कर पाने का माहौल
इस तरह के माहौल में पलने वाले बच्चे अक्सर मानसिक और आर्थिक रूप से पूरी तरह माता-पिता के अधीन होते हैं. भगत ने व्यावहारिक पक्ष रखते हुए कहा, इन बच्चों के पास न तो कोई बड़ा शैक्षणिक बैकग्राउंड होता है और न ही कोई कॉर्पोरेट पहचान या लिंक्डइन प्रोफाइल. उनके पास सिर्फ पिता के बिजनेस की गद्दी पर बैठने का एकमात्र विकल्प होता है. जब आपकी पूरी लाइफस्टाइल माता-पिता के पैसों पर टिकी हो, तो उनका नियंत्रण भी आप पर पूरी तरह हावी हो जाता है.
भगत ने अंत में कहा कि सिर्फ अमीर होना इसका कारण नहीं है, क्योंकि मार्क जुकरबर्ग या एलन मस्क जैसे लोग अपने बच्चों की शादी और निजी फैसलों को इस तरह नियंत्रित नहीं करते. उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि अगर इन परिवारों में बच्चों को खुलकर अपनी बात रखने की आजादी होती, तो शायद सिर्फ एक ईमानदार बातचीत से इस पूरी दर्दनाक घटना को टाला जा सकता था.
पुणे पुलिस ने कोर्ट से मांगी सिया के पॉलिग्राफ टेस्ट की इजाजत
हाई-प्रोफाइल केतन अग्रवाल मर्डर केस की जांच कर रही पुणे ग्रामीण पुलिस ने गुरुवार (2 जुलाई) को अदालत का रुख कर मुख्य आरोपी सिया गोयल का पॉलिग्राफ टेस्ट कराने की अनुमति मांगी है. वरिष्ठ पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अब तक की तफ्तीश में कोई चश्मदीद गवाह या ऐसा ठोस सबूत सामने नहीं आया है जो सीधे तौर पर यह साबित कर सके कि केतन को खाई में किसने धक्का दिया था. पुलिस ने अदालत को बताया कि सिया गोयल और सह-आरोपी चेतन चौधरी के बयान पहले ही दर्ज किए जा चुके हैं, लेकिन उनके बयानों की सत्यता को परखने और मामले में नए सुराग हासिल करने के लिए पॉलिग्राफ टेस्ट बेहद जरूरी है.
क्लब के पास की थी मर्डर की रिहर्सल
इसी बीच, जांच टीम गुरुवार सुबह सिया गोयल को पुणे के लुल्लानगर इलाके में स्थित एक क्लब के पास खुले मैदान में लेकर गई. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि सिया और उसके बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी ने इसी जगह पर केतन को लोहागढ़ किले की चोटी से नीचे धकेलने की बाकायदा रिहर्सल की थी. स्पॉट विजिट के दौरान सिया ने पुलिस के सामने उस जगह की शिनाख्त की जहां उन्होंने इस खूनी साजिश का पूर्वाभ्यास किया था. पुलिस ने पुणे के मार्केट यार्ड इलाके में स्थित सिया के आवास पर छापेमारी कर वे कपड़े भी बरामद कर लिए हैं, जो उसने 18 जून को घटना के दिन पहने थे.
लोहागढ़ किले से शुरू हुई खूनी साजिश
मामले की पृष्ठभूमि पर नजर डालें तो पुणे के 26 वर्षीय व्यवसायी केतन अग्रवाल की बीती 18 जून 2026 को ऐतिहासिक लोहागढ़ किले से नीचे गिरने के कारण मौत हो गई थी. शुरुआत में सिया गोयल ने केतन के परिवार को इसे एक हादसा बताया था कि पैर फिसलने के कारण वह गिर गया. पुलिस की गहन जांच में सामने आया कि यह एक सुनियोजित हत्या थी. आरोप है कि सिया ने अपने सीक्रेट बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी के साथ मिलकर केतन को मौत के घाट उतारने की साजिश रची थी. मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने 23 जून को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. First Updated : Thursday, 02 July 2026