महाराष्ट्र: महाराष्ट्र की राजनिती में एक बार फिर उथल-पूथल देखने को मिल रहा है. उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली UBT को एक बार और झटका लग गया है. पार्टी के MLC सचिन अहीर ने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट में शामिल हो गए हैं. इतना ही नहीं उन्होने शिवसेना उम्मीदवार के रूप में महाराष्ट्र विधान परिषद के उपाध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया है.
सचिन अहीर का शिंदे गुट में जाना ऐसे समय हुआ है, जब कुछ ही दिन पहले शिवसेना (UBT) के छह लोकसभा सांसद भी पार्टी छोड़कर शिंदे खेमे में शामिल हुए थे. इन नेताओं के जाने से उद्धव ठाकरे गुट की राजनीतिक स्थिति कमजोर होती नजर आ रही है.
इन सांसदों ने औपचारिक रूप से पार्टी बदलने से पहले दिल्ली में हुई संसदीय दल की बैठक में भी हिस्सा नहीं लिया था. इसके बाद उनके शिंदे गुट में शामिल होने की घोषणा की गई.
एकनाथ शिंदे ने अपने दल में लगातार हो रहे इन शामिलों को 'ऑपरेशन टाइगर' की सफलता बताया है. उनका कहना है कि उनकी पार्टी में आने वाले सभी नेता जमीनी स्तर पर मजबूत पकड़ रखने वाले अनुभवी जनप्रतिनिधि हैं.
ऐसा माना जा रहा है कि सचिन अहीर के शामिल होने से शिंदे गुट को विधान परिषद में भी मजबूती मिलेगी और सत्ता पक्ष में उसकी स्थिति पहले से अधिक मजबूत हो सकती है.
साल 2024 के लोकसभा चुनाव में शिवसेना (UBT) ने नौ सीटें जीती थी. इनमें से छह सांसद पहले ही शिंदे गुट में जा चुके हैं. अब सचिन अहीर के भी पाला बदलने से यह साफ संकेत मिल रहा है कि महाराष्ट्र में शिवसेना के दोनों गुटों के बीच राजनीतिक मुकाबला और तेज हो गया है.
माना जा रहा है कि लगातार बढ़ती संख्या से एकनाथ शिंदे का महायुति गठबंधन में राजनीतिक प्रभाव भी मजबूत होगा. वहीं, उद्धव ठाकरे के सामने अपने संगठन और विधायकों-सांसदों को एकजुट बनाए रखने की चुनौती और बड़ी हो गई है. First Updated : Tuesday, 30 June 2026