महाराष्ट्र में शोक की लहर के बीच एक ऐतिहासिक और भावुक मोड़ आया है. उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की पत्नी और राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के विधायक दल का नेता चुना गया है. आज शाम 5 बजे वे राजभवन में महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करेंगी. अजीत पवार की 28 जनवरी 2026 को बारामती के पास हुए विमान हादसे में अचानक मौत के महज चार दिन बाद यह फैसला लिया गया, जो पार्टी में नेतृत्व की निरंतरता और महायुति सरकार की स्थिरता बनाए रखने की कोशिश को दर्शाता है.
अजीत पवार, जिन्हें 'दादा' के नाम से जाना जाता था, एनसीपी के प्रमुख और उपमुख्यमंत्री के तौर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे. उनके निधन से पार्टी में खालीपन पैदा हो गया था. ऐसे में एनसीपी के वरिष्ठ नेताओं ने जल्दबाजी में विधायक दल की बैठक बुलाई और सुनेत्रा पवार को यह जिम्मेदारी सौंपी. सुनेत्रा पवार शनिवार दोपहर विधान भवन पहुंचीं, जहां विधायकों ने उन्हें सर्वसम्मति से नेता चुना. सूत्रों के अनुसार, प्रफुल्ल पटेल, छगन भुजबल, सुनील तटकरे जैसे दिग्गजों ने इस फैसले में अहम भूमिका निभाई. सुनेत्रा पवार को अजीत पवार के अधिकांश विभाग मिलेंगे, सिवाय वित्त और नियोजन के, जो अब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास रहेंगे.
सुनेत्रा पवार का राजनीतिक सफर नया है, लेकिन मजबूत है. हाल के लोकसभा चुनाव में उन्होंने बारामती सीट से चुनाव लड़ा था, हालांकि सुप्रिया सुले से हार गईं. बाद में उन्हें राज्यसभा भेजा गया. अब संभावना है कि वे अजीत पवार की रिक्त बारामती विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगी, क्योंकि उपमुख्यमंत्री बने रहने के लिए उन्हें छह महीने के भीतर विधायक बनना होगा. यह बदलाव महाराष्ट्र की राजनीति में नई ऊर्जा ला सकता है, खासकर जब स्थानीय निकाय चुनाव नजदीक हैं.
छगन भुजबल ने इस फैसले का खुलकर समर्थन किया. उन्होंने कहा कि यह बहुत अच्छा कदम है. लोग यही चाहते थे और हमारे विधायक भी इसी मांग पर अड़े थे. मौजूदा हालात में सुनेत्रा ताई को ही विधायक दल का नेता और उपमुख्यमंत्री बनना चाहिए. उनका यह बयान पार्टी में एकजुटता का संकेत देता है.
हालांकि, शरद पवार गुट से अलग प्रतिक्रिया आई. एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा कि उन्हें सुनेत्रा पवार के उपमुख्यमंत्री बनने की कोई जानकारी नहीं है. उन्होंने बताया कि यह उनकी पार्टी का फैसला होगा. मैंने अखबार में प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे जैसे नाम देखे, जो कुछ निर्णय ले रहे हैं. एनसीपी महाराष्ट्र अध्यक्ष सुनील तटकरे ने शरद पवार की टिप्पणियों पर कोई प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया और कहा कि अंतिम फैसला मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस लेंगे.
यह फैसला पवार परिवार में ट्रेजडी के बीच सत्ता की राजनीति को भी उजागर करता है. अजीत पवार की मौत ने एकता की चर्चाओं को तेज किया था, लेकिन सुनेत्रा की नियुक्ति से अजीत गुट की मजबूती दिखती है. कई लोग इसे विरासत बचाने की कोशिश मान रहे हैं. सुनेत्रा पवार अब न केवल व्यक्तिगत दुख से जूझ रही हैं, बल्कि राज्य की जिम्मेदारियां भी संभाल रही हैं. उनका यह सफर महाराष्ट्र की राजनीति में महिलाओं की बढ़ती भूमिका का प्रतीक बन सकता है. First Updated : Saturday, 31 January 2026