मणिपुर राज्यपाल का बड़ा अल्टीमेटम, '7 दिन में सरेंडर करें लूटे हुए हथियार!

मणिपुर में मई 2023 से हिंसा जारी है. राज्य में लंबे समय तक हिंसा काबू न कर पाने के बाद पिछले दिनों मणिपुर के मुख्यमंत्री बीरेन सिंह ने इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया है.

Dimple Yadav
Edited By: Dimple Yadav

मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद, राज्यपाल अजय भल्ला ने गुरुवार को उपद्रवियों को चेतावनी दी. उन्होंने सभी समुदायों के लोगों से अपील की कि वे लूटे गए और अवैध हथियार 7 दिन के भीतर पुलिस स्टेशन या सुरक्षा बलों के कैंप में वापस कर दें. मणिपुर में मई 2023 से हिंसा जारी है. लंबे समय तक हिंसा को नियंत्रित न कर पाने के कारण मणिपुर के मुख्यमंत्री बीरेन सिंह ने इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू किया गया.

राज्यपाल अजय भल्ला ने बयान में कहा, "पिछले 20 महीनों से घाटी और पहाड़ियों में मणिपुर के लोगों को शांति और साम्प्रदायिक सद्भाव को प्रभावित करने वाली घटनाओं का सामना करना पड़ा है. मैं सभी समुदायों के लोगों, खासकर युवाओं से अपील करता हूं कि वे स्वेच्छा से आगे आएं और लूटे गए और अवैध हथियार और गोला-बारूद अगले सात दिनों में पास के पुलिस स्टेशन, चौकी या सुरक्षा बल के कैंप में वापस कर दें."

राष्ट्रपति शासन के बाद मणिपुर राज्यपाल का आदेश

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इन हथियारों को लौटाने से शांति की दिशा में एक मजबूत कदम उठाया जा सकता है. मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने कहा कि मैं आपको विश्वास दिलाना चाहता हूं कि अगर कोई व्यक्ति निर्धारित समय के भीतर लूटे गए या अवैध हथियार वापस कर देता है, तो उस पर कोई सजा नहीं दी जाएगी. लेकिन अगर इसके बाद भी ऐसे हथियार किसी के पास पाए गए, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी.

कुकी और मैतेई समुदायों के बीच तनाव

मणिपुर में कुकी और मैतेई समुदायों के बीच तनाव के कारण मई 2023 में हिंसा शुरू हुई थी. इसके बाद से राज्य में हिंसा लगातार जारी है, जिसमें सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है. हिंसा के दौरान उपद्रवियों ने हजारों घरों को आग लगा दी और उन्हें तबाह कर दिया, जिनमें कई विधायक, मंत्री और प्रसिद्ध हस्तियों के घर भी शामिल थे.

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