शिलांग में लापता हुए इंदौर के दंपत्ति का मामला एक नाटकीय मोड़ पर आकर खत्म हुआ, जब पत्नी सोनम रघुवंशी ने 16 दिनों की गुमशुदगी के बाद उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में आत्मसमर्पण कर दिया. मेघालय पुलिस के अनुसार, सोनम ने अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या की साजिश रची थी, जो कि 2 जून को चेरापूंजी इलाके की एक खाई में मृत पाए गए थे.
जानकारी के अनुसार, राजा और सोनम 23 मई को मेघालय के सोहरा क्षेत्र में छुट्टियां मनाने पहुंचे थे. इसके बाद दोनों लापता हो गए. राजा का शव एक हफ्ते बाद मिला, जबकि सोनम का कुछ अता-पता नहीं था. अब खुलासा हुआ है कि इस यात्रा के पीछे एक षड्यंत्र छुपा था. पुलिस का कहना है कि सोनम का अपने ही एक कर्मचारी राज कुशवाहा के साथ प्रेम संबंध था, और उसने उसी के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई.
पुलिस ने बताया कि सोनम को वाराणसी-गाजीपुर मार्ग पर स्थित काशी ढाबा से हिरासत में लिया गया. जांच के दौरान पता चला कि यह एक कॉन्ट्रैक्ट किलिंग थी, जिसमें सोनम ने अपने प्रेमी की मदद से तीन हत्यारों को काम पर रखा था. इन तीनों को मध्य प्रदेश के इंदौर से गिरफ्तार किया गया है.
इस बीच, सोनम के पिता ने पुलिस के दावों को खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा कि उनकी बेटी को अगवा किया गया था और वह खुद को बचाने की कोशिश में उत्तर प्रदेश पहुंच गई. उन्होंने सीबीआई जांच की मांग करते हुए आरोप लगाया कि मेघालय पुलिस मामले को गलत दिशा में ले जा रही है.
वहीं, पीड़िता के भाई ने बताया कि राज कुशवाहा पहले सोनम का कर्मचारी था और दोनों फोन पर लगातार संपर्क में रहते थे. उन्होंने यह भी कहा कि मेघालय की यात्रा किसने प्लान की थी, यह परिवार को नहीं पता, और उन्होंने वापसी की टिकटें भी नहीं ली थीं. इससे शक और गहरा हो गया.
यह मामला उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और मेघालय तक फैला हुआ है. मेघालय में हत्या हुई, इंदौर में साजिश रची गई और गाजीपुर में आरोपी महिला मिली. मेघालय पुलिस ने इस गंभीर मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की थी.
मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने पुलिस की तेजी और सतर्कता की सराहना की. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि मेघालय पुलिस ने 7 दिनों के भीतर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया और महिला ने आत्मसमर्पण कर दिया है. एक और आरोपी की तलाश जारी है.
First Updated : Monday, 09 June 2025