नई दिल्ली: कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी के बाद बदले मौसम ने उत्तर भारत समेत कई राज्यों में भारी तबाही मचा दी. नए पश्चिमी विक्षोभ के असर से तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि ने जनजीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया. बिजली के खंभे और पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति बाधित हुई, जबकि रेल और हवाई सेवाओं पर भी बड़ा असर देखने को मिला. मौसम से जुड़े हादसों में उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा 20 लोगों की मौत हुई है. इसके अलावा बिहार में 14, उत्तराखंड में दो और झारखंड में दो लोगों की जान गई है. कई इलाकों में तेज हवाओं के कारण सड़क और रेल यातायात बाधित रहा, जबकि एयरपोर्ट्स पर उड़ानों को डायवर्ट करना पड़ा.
उत्तर प्रदेश में गुरुवार देर रात शुरू हुई तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का असर पूरे प्रदेश में दिखाई दिया, लेकिन बुंदेलखंड और पूर्वांचल सबसे ज्यादा प्रभावित रहे. पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल में चौरीचौरा और गौरी बाजार रेलवे स्टेशन के बीच रेल लाइन पर चार पेड़ गिर गए. इसके चलते गोरखपुर कैंट से देवरिया के बीच बिजली आपूर्ति बाधित हो गई और कई ट्रेनें रास्ते में ही रुक गईं. वहीं उरई और भुआ स्टेशनों के बीच ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइन का खंभा टूटने से झांसी-लखनऊ रेलखंड पर ट्रेन संचालन बंद करना पड़ा.
वाराणसी में 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चली. वहीं प्रयागराज में मई महीने में एक दिन में सबसे ज्यादा बारिश का 55 साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया. रात एक बजे से सुबह पांच बजे के बीच चार घंटे में 61 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. इससे पहले 18 मई 1971 को 54 मिलीमीटर बारिश का रिकॉर्ड बना था. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नुकसान का आकलन कर 24 घंटे के भीतर राहत राशि बांटने के निर्देश दिए हैं.
बिहार में शुक्रवार को आंधी, बारिश और तूफानी हवा के कारण बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ. पटना में 107 किलोमीटर प्रति घंटे और गया में 74 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं. राज्य में सबसे ज्यादा 116 मिलीमीटर बारिश मोतिहारी में दर्ज की गई. नेपाल में हुई बारिश का असर पश्चिमी चंपारण जिले में भी दिखा, जहां गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है. पुजहा घाट के पास नदी का पानी बढ़ने से पीपा पुल तक जाने वाला संपर्क मार्ग डूब गया और क्षतिग्रस्त हो गया.
पटना एयरपोर्ट पर खराब मौसम के चलते चार विमानों को डायवर्ट करना पड़ा, जबकि 36 उड़ानें देरी से संचालित हुईं. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने के निर्देश दिए हैं.
रुद्रप्रयाग के तुंगनाथ-चोपता क्षेत्र में शुक्रवार शाम तेज तूफान और आकाशीय बिजली गिरने से लखनऊ के दो भाइयों की मौत हो गई. दोनों भाई ट्रेकिंग के लिए वहां पहुंचे थे. हादसे में तीन अन्य लोग घायल हुए हैं. प्रशासन और राहत एजेंसियों ने खराब मौसम में फंसे 50 से अधिक पर्यटकों का रेस्क्यू किया. जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, शाम 4:17 बजे अचानक मौसम बिगड़ने से कई पर्यटक क्षेत्र में फंस गए थे.
बिजली गिरने से 19 वर्षीय अभिनव वाजपेयी की मौके पर ही मौत हो गई. उनके भाई अभिषेक वाजपेयी समेत अन्य लोग घायल हुए. बाद में अस्पताल ले जाते समय अभिषेक ने भी दम तोड़ दिया.
हिमाचल प्रदेश में कई इलाकों में तेज आंधी और ओलावृष्टि हुई, जबकि कुछ स्थानों पर बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई. राज्य की ऊंची चोटियों रोहतांग, शिंकुला और बारालाचा में हल्का हिमपात भी हुआ. जम्मू संभाग के कई हिस्सों में दोपहर बाद बादल छाने और तेज हवाएं चलने से लोगों को गर्मी से राहत मिली. वहीं अनंतनाग में तेज हवा के कारण अखरोट का पेड़ गिरने से 70 वर्षीय महिला की मौत हो गई.
उत्तराखंड में हुई बारिश जंगलों में लगी आग के लिए बड़ी राहत साबित हुई. गढ़वाल क्षेत्र में आग की 354 घटनाओं में 305.78 हेक्टेयर जंगल प्रभावित हुए थे, जबकि कुमाऊं में 83 घटनाओं में 69.29 हेक्टेयर जंगल जले थे. गुरुवार रात और शुक्रवार शाम हुई बारिश के बाद जंगलों की आग पूरी तरह बुझ गई.
दक्षिण बंगाल में शुक्रवार दोपहर आए भीषण तूफान, तेज बारिश और आकाशीय बिजली ने भारी तबाही मचा दी. देर रात तक सात लोगों की मौत की पुष्टि हुई, जबकि कई अन्य घायल बताए गए हैं. 70 से 88 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज हवाओं ने महानगर समेत हावड़ा और हुगली जिलों को बुरी तरह प्रभावित किया. मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मृतकों के परिवारों को चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है. उन्होंने कहा कि घायलों के इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी. First Updated : Saturday, 30 May 2026