'देश की नारी नहीं भूलेगी अपमान', विपक्ष को घेरते हुए महिला आरक्षण पर बोले पीएम मोदी

लोकसभा में महिला आरक्षण बिल से जुड़े संशोधन विधेयक के गिरने के बाद आज पीएम मोदी ने देश को संबोधित किया. पीएम मोदी ने इसके लिए विपक्ष को जिम्मेदार ठहराया.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक के पारित न हो पाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित करते हुए विपक्ष पर तीखा आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण विधेयक के गिरने से देश की महिलाओं की उम्मीदों को गहरा आघात पहुंचा है और इसके लिए विपक्षी दल जिम्मेदार हैं. प्रधानमंत्री के अनुसार, विपक्ष ने राजनीतिक स्वार्थ को प्राथमिकता देते हुए इस ऐतिहासिक पहल को सफल नहीं होने दिया.

महिला आरक्षण पर क्या बोले पीएम?

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि देश की नारी शक्ति पूरी स्थिति को देख और समझ रही है. उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में यह एक बड़ा कदम हो सकता था, लेकिन दुर्भाग्यवश यह प्रयास सफल नहीं हो पाया. उन्होंने इसे महिलाओं के सपनों और आकांक्षाओं के साथ अन्याय करार दिया और कहा कि उनकी प्रगति की उड़ान को बीच में ही रोक दिया गया.

सरकार की ओर से इस विधेयक को पारित कराने के लिए हरसंभव प्रयास किए गए थे. प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी के अधिकारों और प्रतिनिधित्व से जुड़ा विषय था. इसके बावजूद आवश्यक समर्थन न मिलने के कारण यह विधेयक पारित नहीं हो सका.

54 मतों से पीछे रह गया विधेयक

महिला आरक्षण से संबंधित 131वें संविधान संशोधन विधेयक को पारित करने के लिए लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता थी. कुल 528 सांसदों ने मतदान में हिस्सा लिया, जिसमें सरकार को 352 वोटों का समर्थन चाहिए था. हालांकि, पक्ष में केवल 298 वोट ही प्राप्त हो सके, जिससे यह विधेयक 54 मतों से पीछे रह गया और अंततः गिर गया.

इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है. एक ओर जहां सरकार विपक्ष पर आरोप लगा रही है, वहीं विपक्ष भी अपने रुख को सही ठहराने में जुटा हुआ है. इस मुद्दे ने देश की राजनीति में नई बहस को जन्म दे दिया है. खासकर महिलाओं के अधिकारों और उनके राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर.

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