Operation Shield: देश की पश्चिमी सीमा से लगे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शनिवार, 31 मई को ऑपरेशन शील्ड (Operation Shield) का दूसरा चरण शुरू हो रहा है. यह नागरिक सुरक्षा अभ्यास सीमावर्ती क्षेत्रों में आपात स्थितियों से निपटने की तैयारी को मजबूत करने के उद्देश्य से किया जा रहा है. इस अभ्यास में जम्मू-कश्मीर, गुजरात, पंजाब और राजस्थान सहित कई संवेदनशील इलाके शामिल हैं.
इसका पहला चरण 7 मई को किया गया था, ठीक उसी दिन जब पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सशस्त्र बलों ने 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया था. गृह मंत्रालय इस अभियान की निगरानी कर रहा है, जिसमें ब्लैकआउट प्रोटोकॉल, निकासी अभ्यास और समन्वित आपात प्रतिक्रिया की जांच शामिल है.
सरकारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह ड्रिल शनिवार शाम 5:00 बजे से शुरू होगी और अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग समय पर की जाएगी. जम्मू में शाम 8:00 बजे से 8:15 बजे तक ब्लैकआउट अभ्यास होगा. स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे सायरन बजने के बाद सभी लाइटें बंद कर खिड़कियों को ढक दें और घबराएं नहीं, यह एक सुरक्षा अभ्यास है.
चंडीगढ़ के किशनगढ़ और आईटी पार्क इलाकों में 8:00 बजे से 8:10 बजे तक 10 मिनट का ब्लैकआउट रखा गया है. इसके अलावा सेक्टर 47 में एक सैन्य बेस पर ड्रोन हमले का फुल-स्केल सिमुलेशन किया जाएगा, जिसमें 20 लोगों की निकासी और 30 यूनिट रक्त की व्यवस्था के साथ मेडिकल इमरजेंसी टीम की तैनाती भी की गई है.
अहमदाबाद के शाहिबाग कैंटोनमेंट और वीरणगाम पुलिस लाइन में शाम 5:00 बजे से गतिविधियाँ शुरू होंगी. इनमें स्वयंसेवकों की तैनाती, हवाई हमलों का सिमुलेशन, संचार प्रणाली को सक्रिय करना और निकासी अभ्यास शामिल हैं. अंत में 7:45 बजे ब्लैकआउट किया जाएगा.
अमृतसर में सुरक्षा अभ्यास शाम 6:00 बजे से 7:00 बजे तक चलेगा, जिसके बाद 8:00 बजे से 8:30 बजे तक ब्लैकआउट किया जाएगा. जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस दौरान घर के अंदर रहें और सभी लाइटें बंद रखें.
पहले यह सुरक्षा अभ्यास गुरुवार को किया जाना था, लेकिन प्रशासनिक कारणों से हरियाणा, राजस्थान और चंडीगढ़ में इसे स्थगित कर दिया गया था.
निदेशालय द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार, सभी सीमावर्ती जिलों को सायरन, ब्लैकआउट और मॉक इवैकुएशन जैसे समन्वित अभ्यास करने के निर्देश दिए गए थे. ‘ऑपरेशन शील्ड’ के जरिए पहले चरण में पहचानी गई खामियों को दूर किया जा रहा है.
इस बार का चरण खासतौर पर एजेंसियों के बीच समन्वय, नागरिकों की प्रतिक्रिया और आपात सेवाओं की तत्परता की जांच पर केंद्रित है. इसमें एनसीसी, एनएसएस, एनजीओ, होम गार्ड्स और बॉर्डर विंग के स्वयंसेवक भाग ले रहे हैं. सरकार ने हालिया खुफिया इनपुट और सीमावर्ती तनाव को देखते हुए आपात शक्तियों का प्रयोग कर स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फंड से वित्तीय सहायता को भी सक्रिय किया है. First Updated : Saturday, 31 May 2025