ऑपरेशन विजय की वर्षगांठ पर लद्दाख पहुंचे राजनाथ सिंह, कारगिल नायकों को अर्पित की श्रद्धांजलि

ऑपरेशन विजय की 27वीं वर्षगांठ के मौके पर दो दिवसीय समारोह का आयोजन किया गया. इसी के चलते शनिवार को द्रास स्थित कारगिल युद्ध स्मारक पर शौर्य संध्या मनाई गई, जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी शामिल हुए.

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नई दिल्ली: कारगिल की बर्फीली चोटियों पर भारत की वीरता की कहानी आज भी देशवासियों के दिलों में जिंदा है. 1999 के युद्ध में शहीद हुए सैनिकों को याद करते हुए शनिवार को द्रास स्थित कारगिल युद्ध स्मारक पर भावुक और गौरवपूर्ण माहौल में ‘शौर्य संध्या’ का आयोजन किया गया. यह कार्यक्रम ऑपरेशन विजय की 27वीं वर्षगांठ के मौके पर आयोजित दो दिवसीय समारोह का हिस्सा था. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कार्यक्रम में शामिल होकर शहीदों के परिवारों को सम्मानित किया और उन्हें एक कलश भेंट किया.

शौर्य संध्या का आयोजन कारगिल विजय दिवस से एक दिन पहले किया गया. इस मौके पर लद्दाख के उपराज्यपाल वीके सक्सेना, सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ, उत्तरी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा, वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और कारगिल युद्ध के कई पूर्व सैनिक मौजूद रहे. कार्यक्रम के दौरान लद्दाख स्काउट्स के बैंड ने देशभक्ति से भरे गीत प्रस्तुत किए. एआर रहमान का लोकप्रिय गीत ‘मां तुझे सलाम’ भी बजाया गया, जिससे पूरा माहौल देशभक्ति की भावना से भर गया. इसके बाद मुख्य स्मारक के पास अतिथियों ने मोमबत्तियां जलाईं. रात होते ही वीर भूमि स्मारक क्षेत्र में रखे सैकड़ों पत्थरों को रोशन किया गया. यह दृश्य कारगिल के वीर जवानों की याद में एक भावुक श्रद्धांजलि बन गया.

लामोचेन व्यूप्वाइंट से शुरू हुआ समारोह

दो दिवसीय कार्यक्रम की शुरुआत कारगिल युद्धक्षेत्र को देखने वाले लामोचेन व्यूप्वाइंट पर युद्ध स्मरणोत्सव के साथ हुई. यह वही क्षेत्र है, जहां से कारगिल की ऊंची चोटियों और युद्धभूमि का दृश्य दिखाई देता है. अधिकारियों ने कहा कि यह आयोजन उस ऐतिहासिक विजय की याद दिलाता है, जब भारतीय सैनिकों ने बेहद कठिन मौसम और दुश्मन की भारी गोलीबारी के बीच कारगिल की चोटियों पर दोबारा कब्जा किया था.

समारोह में कारगिल युद्ध और ऑपरेशन विजय में भारत की जीत पर आधारित 33 मिनट की वीडियो फिल्म दिखाई गई. इसके बाद 40 कारगिल वीरों को समर्पित 17 मिनट का स्मारक वीडियो भी प्रदर्शित किया गया. इन शहीदों के परिवारों को भी कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था. इस दौरान वरिष्ठ सेना अधिकारी, कारगिल युद्ध के दिग्गज, वीर नारियां और वीर माताएं मौजूद रहीं.

शहीद की मां बोलीं- वर्दी में हर जवान बेटे जैसा लगता है

कार्यक्रम के दौरान कारगिल शहीद सिपाही रविंदर की मां मूर्ति देवी दहिया भावुक हो गईं. सिपाही रविंदर 4 जाट यूनिट में तैनात थे और युद्ध के दौरान देश के लिए शहीद हो गए थे. उन्होंने कहा कि जब वह वर्दी पहने दूसरे सैनिकों को देखती हैं तो उन्हें लगता है कि वे भी उनके बेटों जैसे हैं. कारगिल की उन चोटियों को देखकर, जिन्हें भारतीय सैनिकों ने अपने अदम्य साहस से वापस हासिल किया था, उन्हें अपने बेटे और देश के लिए उसके बलिदान पर गर्व महसूस होता है.

सांस्कृतिक कार्यक्रम में दिखी सेना की ताकत

दोपहर में द्रास के विश्वनाथन स्टेडियम में एक विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इसमें देशभक्ति, भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और भारतीय सेना के साहस को प्रदर्शित किया गया. कार्यक्रम में श्वेत अश्व मोटरसाइकिल राइडर्स ने शानदार प्रदर्शन किया. इसके अलावा भारत की आधुनिक लड़ाकू ड्रोन तकनीक की क्षमता भी दिखाई गई. रोबोटिक खच्चरों ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया, जो सेना के आधुनिक तकनीकी इस्तेमाल को दर्शाता है. ऑपरेशन विजय की सफलता की याद में 16 ग्रेनेडियर्स ऑफिसर्स मेस में विजय भोज का भी आयोजन किया गया.

रविवार को होगा मुख्य श्रद्धांजलि समारोह

कारगिल विजय दिवस के मौके पर रविवार को मुख्य श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया जाएगा. इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सेना प्रमुख वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों, कारगिल युद्ध के दिग्गजों, शहीद सैनिकों के परिवारों, नागरिक गणमान्य लोगों और मौजूदा जवानों की मौजूदगी में वीर शहीदों को श्रद्धांजलि देंगे. समारोह के दौरान दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक से द्रास स्थित कारगिल युद्ध स्मारक तक शौर्य विजय यात्रा के ध्वजारोहण का कार्यक्रम भी होगा. करीब तीन महीने तक चले कारगिल युद्ध में भारतीय सेना ने कठिन परिस्थितियों में ऐतिहासिक जीत हासिल की थी. ऑपरेशन विजय की 27वीं वर्षगांठ पर आयोजित ये कार्यक्रम उन वीर सैनिकों के बलिदान और साहस को याद करने का अवसर हैं, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया. First Updated : Sunday, 26 July 2026