बंटवारे के लिए मुसलमान नहीं, कांग्रेस जिम्मेदार..., NCERT सिलेबस में बदलाव पर ओवैसी ने उठाए बड़े सवाल

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने NCERT सिलेबस में बदलाव को लेकर बीजेपी पर हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि नए सिलेबस में मुसलमानों को भारत के बंटवारे का जिम्मेदार ठहराया गया है, जबकि असली जिम्मेदार मोहम्मद अली जिन्ना, उस समय की कांग्रेस सरकार और लॉर्ड माउंटबेटन थे.

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Owaisi On NCERT Syllabus Change: AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने NCERT सिलेबस में हाल ही में किए गए बदलावों को लेकर बीजेपी पर जमकर निशाना साधा है. ओवैसी का आरोप है कि नए सिलेबस में भारत के विभाजन की जिम्मेदारी केवल मुसलमानों पर थोपने का प्रयास किया गया है, जबकि वास्तविक जिम्मेदारों में मोहम्मद अली जिन्ना, उस समय की कांग्रेस सरकार और वाइसरॉय लॉर्ड माउंटबेटन शामिल थे.

ओवैसी ने यह भी सवाल उठाया कि महात्मा गांधी की हत्या का कारण और नाथूराम गोडसे की भूमिका को सिलेबस से हटा दिया गया है, जो कि ऐतिहासिक तथ्य हैं. उनके अनुसार यह बदलाव शिक्षा में पक्षपात और इतिहास की विकृति का उदाहरण है.

बंटवारे के लिए मुसलमान नहीं हैं जिम्मेदार: ओवैसी

ओवैसी ने मीडिया से बातचीत में कहा, "यह बीजेपी ने NCERT सिलेबस बदल दिया है, मुसलमानों को बंटवारे का जिम्मेदार ठहरा दिया गया है. हम बंटवारे के लिए जिम्मेदार नहीं हैं. सावरकर ने सबसे पहले बंटवारे का नारा उठाया था, माउंटबेटन जिम्मेदार हैं, उस समय की कांग्रेस सरकार जिम्मेदार है, हम कैसे जिम्मेदार हो सकते हैं?"

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि महात्मा गांधी की हत्या का कारण भी सिलेबस से हटा दिया गया है. ओवैसी ने कहा- "आपने NCERT से यह भी हटा दिया कि महात्मा गांधी को गोडसे ने क्यों मारा."

क्रिकेट और राष्ट्रीय भावनाओं पर सवाल

ओवैसी ने हाल ही में पहलगाम में हुए धार्मिक आधार पर 26 नागरिकों के हत्याकांड का हवाला देते हुए बीजेपी से सवाल किया कि क्या पाकिस्तान के साथ क्रिकेट संबंधों से होने वाला वित्तीय लाभ भारतीय नागरिकों के जीवन से बढ़कर है. उन्होंने कहा,
"हमने उन 26 नागरिकों के साथ खड़े रहे और रहेंगे. जब प्रधानमंत्री ने कहा कि 'रक्त और पानी साथ नहीं बह सकते', तो एक क्रिकेट मैच से BCCI को 2000 या 3000 करोड़ मिलने की कीमत क्या उन 26 नागरिकों की जिंदगी से ज्यादा है?"

First Updated : Sunday, 14 September 2025