अंबाला : हरियाणा के अंबाला वायुसेना स्टेशन पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राफेल लड़ाकू विमान में उड़ान भरकर भारतीय वायुसेना की ताकत और आधुनिक विमानन क्षमताओं का प्रदर्शन किया. इस अवसर पर एयर चीफ मार्शल एपी सिंह भी एक अलग विमान में उड़ान भरते नजर आए. राष्ट्रपति मुर्मू ने उड़ान से पहले ‘जी-सूट’ पहना और हेलमेट तथा धूप का चश्मा लगाया. उन्होंने पायलट शिवांगी सिंह के साथ उड़ान से पहले तस्वीरें भी खिंचवाईं. शिवांगी सिंह वे महिला पायलट हैं जिनका नाम ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान ने प्रचारित किया था.
2020 में भारतीय वायुसेना में शामिल हुआ था राफेल
आपको बता दें कि अंबाला एयरबेस भारतीय वायुसेना के लिए रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है. राफेल लड़ाकू विमानों को सितंबर 2020 में भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया था. ये विमान आतंकवादियों और पाकिस्तान स्थित आतंकवादी ढांचों पर ऑपरेशन सिंदूर के दौरान प्रयोग किए गए. इस ऑपरेशन के दौरान चार दिन तक सैन्य झड़पें हुईं, जिसमें राफेल विमानों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. अंबाला एयरबेस और राफेल विमानों की उपस्थिति भारतीय वायुसेना की हवाई ताकत को सुदृढ़ करती है और देश की सुरक्षा को सुनिश्चित करती है.
2017 में वायुसेना में शामिल हुई थी शिवांगी सिंह
शिवांगी सिंह भारतीय वायुसेना की झांकी में शामिल होने वाली दूसरी महिला फाइटर जेट पायलट हैं. उनका चयन 2017 में हुआ और उन्होंने सबसे पहले MiG-21 उड़ाया. 2020 में राफेल विमानों के आने के बाद उन्हें राफेल उड़ाने का अवसर मिला. उनका सपना है कि भविष्य में वे अंतरिक्ष यात्रा का हिस्सा बनें. शिवांगी सिंह की उपलब्धियां न केवल महिला पायलटों की क्षमता का परिचायक हैं, बल्कि यह भारतीय वायुसेना में महिलाओं की भागीदारी और देश की सैन्य शक्ति का प्रतीक भी हैं.
राष्ट्रपति मुर्मू के इस कदम से देश में गर्व की भावना
राष्ट्रपति मुर्मू की यह उड़ान भारतीय वायुसेना की आधुनिक क्षमताओं, महिला पायलटों की उपलब्धियों और देश की सुरक्षा में तकनीकी प्रगति को उजागर करती है. इस कदम ने देश में गर्व की भावना को और मजबूत किया और यह संदेश दिया कि भारतीय वायुसेना हर चुनौती के लिए तैयार है.
First Updated : Wednesday, 29 October 2025