नई दिल्ली में चल रहे संसद के मानसून सत्र में सोमवार, 28 जुलाई का दिन बेहद अहम माना जा रहा है. एक ओर जहां रक्षामंत्री राजनाथ सिंह 'ऑपरेशन सिंदूर' पर लोकसभा में बहस की शुरुआत करेंगे, वहीं दूसरी ओर बिहार में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर विपक्षी INDIA गठबंधन के नेता संसद के बाहर प्रदर्शन करेंगे. संसद सत्र के पहले पांच दिन हंगामे की भेंट चढ़ चुके हैं और आज के दिन बहसों के जरिए सरकार और विपक्ष दोनों आमने-सामने होंगे.
इस बीच न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग चलाने को लेकर भी संसद में हलचल तेज हो गई है. बीजेपी और कांग्रेस समेत कई दलों के 200 से अधिक सांसदों ने महाभियोग की याचिका पर हस्ताक्षर किए हैं. वहीं, सुप्रीम कोर्ट में आज वर्मा की याचिका पर सुनवाई भी होनी है, जिससे यह मामला और गरमा सकता है.
28 जुलाई को लोकसभा की कार्यसूची में “पाहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत के निर्णायक ‘ऑपरेशन सिंदूर’” पर विशेष चर्चा निर्धारित की गई है. रक्षामंत्री राजनाथ सिंह चर्चा की शुरुआत करेंगे, जिसमें गृहमंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, और भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर व निशिकांत दुबे हिस्सा लेंगे.
सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस बहस में हस्तक्षेप कर सकते हैं. वहीं राज्यसभा में इस पर बहस मंगलवार को होगी, जिसमें राजनाथ सिंह और जयशंकर हिस्सा लेंगे.
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने विदेश नीति को लेकर केंद्र सरकार को आड़े हाथ लिया है. उन्होंने कहा कि भारत को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के लिए वैश्विक समर्थन नहीं मिला और अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ‘मध्यस्थता’ वाली टिप्पणी से सरकार की छवि को नुकसान हुआ है. हालांकि सरकार ने ट्रंप के बयानों को सिरे से खारिज किया है.
एनडीए गठबंधन के वे सांसद, जो ऑपरेशन सिंदूर के बाद दुनियाभर के 30 से ज्यादा देशों में गए थे, वे भी लोकसभा में अपने अनुभव साझा करेंगे. इनमें श्रीकांत शिंदे, संजय झा और हरिश बालयोगी शामिल हैं. वहीं, कांग्रेस की ओर से शशि थरूर के बोलने पर संशय बरकरार है, क्योंकि उन्होंने पहले सरकार की कार्रवाई की सराहना की थी, जिससे पार्टी में उनकी स्थिति कमजोर हुई है.
INDIA गठबंधन के नेता आज सुबह 10:30 बजे संसद भवन परिसर स्थित माकर द्वार पर बिहार में हो रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे. विपक्ष का आरोप है कि यह प्रक्रिया बीजेपी के हित में चुनावी लाभ पहुंचाने के लिए की जा रही है. उन्होंने चुनाव आयोग पर ‘पक्षपाती रवैया’ अपनाने का भी आरोप लगाया है.
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्ष के हंगामे को लेकर नाराजगी जताई और कहा कि इससे नए सांसदों पर गलत प्रभाव पड़ता है. उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रश्नकाल एक अहम प्रक्रिया है और इसे बाधित करना दुर्भाग्यपूर्ण है. विपक्ष द्वारा लगातार स्थगन प्रस्ताव लाकर कार्यवाही बाधित करने पर भी उन्होंने चिंता जताई.
टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा, “चुनाव आयोग अब बीजेपी का राजनीतिक उपकरण बन गया है, जो अपने मुताबिक नाम हटवा या जुड़वा रहा है.” जवाब में बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल ने कहा, “सरकार और अध्यक्ष दोनों चर्चा को तैयार हैं. मैंने खुद राहुल गांधी से अपील की, लेकिन विपक्ष सदन नहीं चलने देना चाहता.”
सत्र के पहले दिन ही लोकसभा में 145 और राज्यसभा में 63 सांसदों ने न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग की याचिका दी थी. यह याचिका संविधान के अनुच्छेद 124, 217 और 218 के तहत दायर की गई थी. इसमें अनुराग ठाकुर, रविशंकर प्रसाद, राहुल गांधी, सुप्रिया सुले जैसे नेता शामिल हैं.
न्यायमूर्ति वर्मा को अप्रैल में उनके दिल्ली आवास पर आग लगने के बाद बड़ी मात्रा में नकदी मिलने पर पद से हटा दिया गया था और उन्हें इलाहाबाद हाईकोर्ट भेज दिया गया था. सुप्रीम कोर्ट में आज वह इस जांच रिपोर्ट को चुनौती देंगे. उनके वकीलों का कहना है कि उन्हें अपनी बात रखने का उचित मौका नहीं दिया गया. First Updated : Monday, 28 July 2025