कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंगलवार को केंद्र सरकार पर सुरक्षा चूक को लेकर गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जम्मू-कश्मीर में संभावित आतंकी हमले की खुफिया जानकारी पहले ही मिल चुकी थी, जिसके कारण उन्होंने अपनी कश्मीर यात्रा रद्द कर दी. खड़गे के अनुसार, यह रिपोर्ट प्रधानमंत्री को पहलगाम हमले से तीन दिन पहले, 22 अप्रैल को दी गई थी.
खड़गे ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा, “अगर प्रधानमंत्री को हमले की जानकारी पहले ही थी, तो सरकार ने जरूरी कदम क्यों नहीं उठाए? यह एक खुफिया विफलता है, जिसे सरकार ने खुद भी माना है.” उन्होंने यह भी कहा कि इस बारे में उन्होंने मीडिया रिपोर्टों में पढ़ा है, जिससे यह साफ होता है कि प्रधानमंत्री ने खतरे को देखते हुए खुद की यात्रा टाल दी, लेकिन आम जनता और पर्यटकों की सुरक्षा की अनदेखी की गई.
सूत्रों के मुताबिक, 24 अप्रैल को एक बंद कमरे में हुई सर्वदलीय बैठक में केंद्र सरकार ने यह स्वीकार किया कि पहलगाम आतंकी हमले में सुरक्षा में चूक हुई थी. बताया गया कि स्थानीय प्रशासन ने अनंतनाग जिले के बैसरन क्षेत्र को खोले जाने की जानकारी समय पर सुरक्षा एजेंसियों को नहीं दी. यह इलाका आमतौर पर जून तक अमरनाथ यात्रा के चलते बंद रखा जाता है.
खुफिया रिपोर्टों में पहले ही चेताया गया था कि आतंकी पर्यटकों को निशाना बना सकते हैं, विशेष रूप से श्रीनगर के पास जबरवान रेंज की तलहटी में स्थित होटलों में ठहरने वाले लोगों को. रिपोर्ट के अनुसार, एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी थी. इन सूचनाओं के बावजूद, पर्याप्त एहतियाती कदम नहीं उठाए गए.
हालांकि, सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि प्रधानमंत्री मोदी की कश्मीर यात्रा स्थगित करने का कारण मौसम की खराबी थी. उनका दौरा पहले 19 अप्रैल को कटरा से श्रीनगर के लिए प्रस्तावित था, लेकिन तेज हवाओं की चेतावनी के कारण इसे टाल दिया गया.
इस पूरी घटना ने सरकार की सुरक्षा रणनीति और खुफिया सूचनाओं पर कार्रवाई को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. विपक्ष ने जहां सरकार की नीयत और तत्परता पर सवाल उठाए हैं, वहीं सरकार का कहना है कि वह हालात की समीक्षा कर रही है और सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं. First Updated : Tuesday, 06 May 2025