PM Modi US Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिकी यात्रा कई अहम फैसलों और समझौतों के लिए यादगार रही. व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुई इस बैठक में व्यापार, रक्षा, टेक्नोलॉजी और आतंकवाद के खिलाफ सहयोग जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई. इस मुलाकात के बाद दोनों देशों ने अपने संबंधों को नई ऊंचाई देने का संकल्प लिया.
अमेरिका ने भारत को रणनीतिक सहयोगी मानते हुए रक्षा, व्यापार और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई. वहीं, क्वाड (भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया) की भूमिका को मजबूत करने पर भी सहमति बनी. आइए जानते हैं पीएम मोदी के इस दौरे से भारत को क्या-क्या मिला.
भारत और अमेरिका ने अगले पांच वर्षों में व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है. दोनों देशों ने व्यापारिक असंतुलन को कम करने और निवेश के नए अवसरों पर सहमति जताई.
अमेरिका ने भारत को आधुनिक हथियार, लड़ाकू विमान और सैन्य उपकरण देने पर सहमति जताई. दोनों देशों ने रक्षा उत्पादन और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर को बढ़ाने का फैसला किया.
भारत को अमेरिका से कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति बढ़ेगी. साथ ही, दोनों देशों ने रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स पर मिलकर काम करने की योजना बनाई.
दोनों देशों ने एडवांस AI सिस्टम विकसित करने का निर्णय लिया, जिससे स्वास्थ्य, शिक्षा और रक्षा क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाए जाएंगे. इससे भारतीय स्टार्टअप और टेक कंपनियों को भी फायदा मिलेगा.
अमेरिका भारत को सेमीकंडक्टर उद्योग को मजबूत करने के लिए तकनीकी सहायता देगा. इसके अलावा, क्वांटम कंप्यूटिंग में जॉइंट रिसर्च और डेवलपमेंट पर सहमति बनी.
भारत और अमेरिका मिलकर छोटे न्यूक्लियर मॉड्यूलर रिएक्टर विकसित करेंगे, जिससे स्वच्छ और टिकाऊ ऊर्जा का उत्पादन बढ़ेगा.
अमेरिका के लॉस एंजेलिस और बॉस्टन में नए भारतीय वाणिज्य दूतावास (कॉन्सुलेट) खोले जाएंगे, जिससे भारतीय समुदाय को वीजा और पासपोर्ट जैसी सुविधाएं मिलेंगी.
दोनों देशों ने आतंकवाद के खिलाफ मिलकर काम करने का फैसला लिया. आतंकवादी संगठनों की फंडिंग रोकने, खुफिया जानकारी साझा करने और वैश्विक आतंकवाद विरोधी अभियानों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी.
2008 के मुंबई आतंकी हमले के आरोपी तहव्वुर राणा को भारत को सौंपने का रास्ता साफ हो गया है. अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले को मंजूरी दी है.
ट्रंप ने भारत को एशिया-प्रशांत (इंडो-पैसिफिक) क्षेत्र में एक प्रमुख रणनीतिक साझेदार बताया. क्वाड देशों (भारत, अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया) की साझेदारी को और मजबूत करने पर जोर दिया गया.
पीएम मोदी के अमेरिकी दौरे से भारत को व्यापार, रक्षा, टेक्नोलॉजी और ऊर्जा जैसे कई अहम क्षेत्रों में बड़ा फायदा मिला है. यह यात्रा दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत बनाने में मील का पत्थर साबित हो सकती है. First Updated : Friday, 14 February 2025