नई दिल्ली : नए प्रधानमंत्री कार्यालय परिसर 'सेवातीर्थ' के उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के समावेशी विकास को नई दिशा देने वाले महत्वपूर्ण दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए. इन फैसलों का केंद्र बिंदु महिलाएं, कर्मठ किसान और देश का भविष्य यानी युवा वर्ग है. सरकार ने न केवल पुरानी योजनाओं के लक्ष्य बढ़ाए हैं, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा के लिए नई स्वास्थ्य पहलों की भी शुरुआत की है. यह कदम भारत की प्रशासनिक कार्यक्षमता और 'नागरिक देवो भव' की भावना को साकार करता है.
आपको बता दें कि प्रधानमंत्री ने 'पीएम राहत योजना' के शुभारंभ को मंजूरी देकर आम आदमी को बड़ी सुरक्षा दी है. यह एक जीवन रक्षक पहल है, जिसके तहत सड़क दुर्घटना का शिकार होने वाले व्यक्तियों को 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मुहैया कराया जाएगा. इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी नागरिक की जान केवल धन या समय पर इलाज न मिलने के कारण न जाए. यह योजना संकट के समय हर भारतीय के लिए ढाल बनेगी.
नारी सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए सरकार ने लखपति दीदी योजना का लक्ष्य दोगुना कर दिया है. पहले 3 करोड़ महिलाओं को लखपति बनाने का लक्ष्य मार्च 2027 तक था, जिसे एक साल पहले ही हासिल कर लिया गया. अब प्रधानमंत्री ने मार्च 2029 तक देश की 6 करोड़ बहनों को लखपति बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है. यह निर्णय ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और उनकी आर्थिक आजादी की ओर एक बड़ा संकेत है.
खेती-किसानी को आधुनिक और मजबूत बनाने के लिए प्रधानमंत्री ने कृषि अवसंरचना कोष (Agriculture Infrastructure Fund) में ऐतिहासिक बढ़ोतरी की है. इस कोष की राशि को 1 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर अब 2 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है. इससे कृषि क्षेत्र में भंडारण, कोल्ड स्टोरेज और अन्य बुनियादी ढांचे का तेजी से विस्तार होगा. यह फैसला किसानों की उपज का सही मूल्य दिलाने और पूरी कृषि मूल्य श्रृंखला को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में मील का पत्थर साबित होगा.
देश के इनोवेशन इकोसिस्टम को रफ्तार देने के लिए प्रधानमंत्री ने 'स्टार्टअप इंडिया एफओएफ 2.0' को हरी झंडी दे दी है. इसके लिए 10,000 करोड़ रुपये का फंड आवंटित किया गया है, जो विशेष रूप से डीप टेक, एडवांस मैन्युफैक्चरिंग और भविष्य की तकनीकों पर केंद्रित होगा. यह फंड शुरुआती स्तर के उन विचारों और स्टार्टअप्स को सशक्त बनाएगा जो भारत को वैश्विक तकनीकी मानचित्र पर शीर्ष पर ले जाने की क्षमता रखते हैं. इससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे.
दिल्ली में स्थित नया परिसर 'सेवातीर्थ' केवल एक इमारत नहीं, बल्कि भारत की सेवा और शासन का नया केंद्र है. इसमें प्रधानमंत्री कार्यालय, कैबिनेट सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय को जगह मिली है. भवन की दीवार पर अंकित 'नागरिक देवो भव' का आदर्श वाक्य केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली को दर्शाता है. आधिकारिक बयान के अनुसार, यह परिसर भारत के प्रशासनिक ढांचे को और अधिक पारदर्शी, सक्रिय और जन-केंद्रित बनाने की दिशा में एक बड़ा और प्रभावी कदम है. First Updated : Friday, 13 February 2026