बॉलीवुड की मशहूर अदाकारा ममता कुलकर्णी, जो अब आध्यात्मिक जीवन जी रही हैं, एक बार फिर चर्चा में हैं. हाल ही में उन्होंने अपनी साध्वी बनने की यात्रा को लेकर हैरान कर देने वाले खुलासे किए हैं. ममता ने बताया कि उनके जीवन में एक ऐसा दौर भी था जब वे दिन में उपवास रखती थीं और रात में शराब पीती थीं. उनके इस बयान ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है.
बॉलीवुड से आध्यात्म की राह पकड़ने वाली ममता कुलकर्णी ने बताया कि साल 1997 में उनके गुरु उनके जीवन में आए थे और यहीं से उनकी आध्यात्मिक यात्रा की शुरुआत हुई. हालांकि, उस दौरान वे दोहरी जिंदगी जी रही थीं—दिन में पूजा-पाठ और रात में शराब का सेवन.
ममता कुलकर्णी ने बताया कि अपने फिल्मी करियर के दौरान भी वे आध्यात्मिक नियमों का पालन करती थीं. शूटिंग के दौरान वे हमेशा अपने साथ एक छोटा मंदिर लेकर जाती थीं. उन्होंने कहा, _"जब भी मैं किसी फिल्म की शूटिंग के लिए बाहर जाती थी, तो मेरे बैग में मेरा पोर्टेबल मंदिर होता था. मैं इसे होटल के कमरे में एक टेबल पर रखती और हर दिन शूटिंग पर जाने से पहले पूजा करती थी."
अपनी भक्ति और कठोर अनुशासन के बारे में बात करते हुए ममता ने बताया कि उन्होंने नवरात्रि के दौरान 9 दिनों तक केवल पानी पर उपवास रखा था. उन्होंने कहा, _"मैंने सुबह, दोपहर और शाम तीन बार हवन किया और पूरे समय सिर्फ पानी पिया. मैंने 36 किलो चंदन से यज्ञ किया."
ममता कुलकर्णी ने अपने अतीत के एक चौंकाने वाले पहलू का खुलासा करते हुए बताया कि नवरात्रि के दौरान उपवास करने के बावजूद वे रात को शराब पीती थीं. उन्होंने कहा, _"मेरे डिजाइनर ने मुझसे कहा था, ‘ममता, तुम बहुत गंभीर हो रही हो.’ इसके बाद हम ताज होटल गए और मैंने वहां स्कॉच के दो पैग लिए." लेकिन नवरात्रि के दौरान शराब का सेवन करना उनके लिए एक अजीब अनुभव साबित हुआ. उन्होंने बताया कि उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे शराब ने उनके शरीर पर हमला कर दिया हो. "मुझे पेट में जलन महसूस हुई और मैं लगभग 40 मिनट तक वॉशरूम में बैठी रही,"
बॉलीवुड को छोड़कर आध्यात्मिकता की राह पर चल रही ममता कुलकर्णी का कहना है कि अब उनका जीवन पूरी तरह से बदल चुका है. वे भोग से त्याग की ओर बढ़ चुकी हैं और खुद को पूरी तरह आध्यात्मिक जीवन के लिए समर्पित कर चुकी हैं. First Updated : Saturday, 08 February 2025