पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध का असर अब पंजाब में भी महसूस होने लगा है। सबसे ज्यादा परेशानी उन युवाओं को हो रही है जो पढ़ाई के लिए कनाडा जाना चाहते हैं। कई छात्रों का एडमिशन और वीजा पहले ही हो चुका है। लेकिन मौजूदा हालात में उनकी यात्रा मुश्किल हो गई है। उड़ानों के रूट बदलने से सफर लंबा हो गया है। परिवारों की चिंता भी बढ़ गई है।क्योंकि विदेश जाने की तैयारी कर चुके छात्रों के सामने नई दिक्कतें खड़ी हो गई हैं।
पंजाब का दोआबा इलाका विदेश जाने वाले युवाओं के लिए जाना जाता है। जालंधर, कपूरथला, होशियारपुर और शहीद भगत सिंह नगर से हर साल हजारों छात्र कनाडा जाते हैं।लेकिन इस बार हालात अलग हैं। कई परिवारों ने पहले ही भारी खर्च कर दिया है। अब उड़ानों के रूट बदलने से खर्च और बढ़ गया है। यात्रा का समय भी लंबा हो गया है। इस वजह से परिवारों में चिंता का माहौल है।
पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बाद कई देशों ने अपने हवाई क्षेत्र पर सख्त निगरानी शुरू कर दी है। कुछ जगहों पर उड़ानों पर प्रतिबंध भी लगाए गए हैं। इस वजह से कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के रूट प्रभावित हुए हैं। एयरलाइंस को अपने रास्ते बदलने पड़े हैं। कई उड़ानों के समय और शेड्यूल में बदलाव हुआ है। इसका असर दुनिया भर की हवाई यात्रा पर देखा जा रहा है।
पहले पंजाब से कनाडा जाने वाले अधिकतर यात्री खाड़ी देशों के रास्ते यात्रा करते थे। दुबई, दोहा और अबू धाबी बड़े ट्रांजिट हब माने जाते थे। लेकिन मौजूदा हालात में इन रास्तों को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। कई एयरलाइंस ने अपने रूट बदल दिए हैं। अब यात्रियों को यूरोप के शहरों के रास्ते जाना पड़ रहा है।इससे सफर का समय काफी बढ़ गया है।
मौजूदा हालात का सबसे बड़ा असर टिकट की कीमतों पर पड़ा है। पहले जहां इकोनॉमी क्लास की टिकट अपेक्षाकृत सस्ती मिल जाती थी। अब कई टिकटों की कीमत लाखों रुपये तक पहुंच गई है। कुछ अंतरराष्ट्रीय रूटों पर टिकट बेहद महंगी हो गई हैं। इससे छात्रों और उनके परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। कई लोग टिकट बुक करने से पहले कई बार सोच रहे हैं।
सबसे ज्यादा परेशानी उन छात्रों को हो रही है जिनका नया सेमेस्टर शुरू होने वाला है। उन्हें तय समय पर कनाडा पहुंचना जरूरी होता है। लेकिन उड़ानों के रूट बदलने से उनकी यात्रा अनिश्चित हो गई है। कई छात्र अब वैकल्पिक रास्ते तलाश रहे हैं। कुछ को लंबा ट्रांजिट लेकर यात्रा करनी पड़ रही है। इससे खर्च और समय दोनों बढ़ गए हैं।
इस संकट का असर सिर्फ टिकट कीमतों तक सीमित नहीं है। कई उड़ानों का समय भी बढ़ गया है। कुछ रूटों पर यात्रा 45 मिनट से लेकर चार घंटे तक लंबी हो गई है। एयरलाइंस को नए रास्तों से उड़ान भरनी पड़ रही है। इससे ईंधन का खर्च भी बढ़ गया है। अगर पश्चिम एशिया में तनाव जल्द खत्म नहीं हुआ तो यह समस्या और बढ़ सकती है। कनाडा जाने वाले छात्रों के सामने आने वाले दिनों में और चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं। First Updated : Sunday, 15 March 2026