मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने राज्य के प्रमुख बस टर्मिनलों के आधुनिकीकरण की एक व्यापक योजना को मंजूरी दे दी है. इस फैसले को सार्वजनिक परिवहन ढांचे को मजबूत करने और यात्रियों को सुरक्षित, सुगम व आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.
सरकार की इस पहल का उद्देश्य रोजमर्रा की यात्रा को बेहतर बनाना और राज्य के प्रमुख परिवहन केंद्रों को आधुनिक शहरी हब के रूप में विकसित करना है. इस योजना के तहत पंजाब के कई बड़े शहरों के बस टर्मिनलों को सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के जरिए अपग्रेड किया जाएगा.
परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने बताया कि इस योजना के तहत लुधियाना, जालंधर, संगरूर, पटियाला और बठिंडा के बस टर्मिनलों का आधुनिकीकरण किया जाएगा. उन्होंने कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य दक्षता, सुरक्षा, बेहतर पहुंच और उन्नत यात्री सेवाएं सुनिश्चित करना है.
ये बस टर्मिनल राज्य की ग्रामीण और शहरी दोनों आबादी के लिए अहम परिवहन केंद्र हैं और कामगारों, विद्यार्थियों, व्यापारियों, पर्यटकों व औद्योगिक श्रमिकों की रोजमर्रा की आवाजाही में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
परिवहन मंत्री ने बताया कि ये टर्मिनल अंतर-राज्यीय आवागमन में भी अहम भूमिका निभाते हैं. इनके माध्यम से हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान जैसे पड़ोसी राज्यों के लिए यात्रा की सुविधा मिलती है.
आंकड़ों के अनुसार, लुधियाना और जालंधर बस टर्मिनलों से प्रतिदिन 75,000 से 1 लाख यात्रियों की आवाजाही होती है, जबकि पटियाला और बठिंडा में रोज़ाना लगभग 50,000 यात्री आते-जाते हैं. यह संख्या पंजाब के गतिशीलता इकोसिस्टम में इन टर्मिनलों के महत्व को दर्शाती है.
मंत्री ने कहा कि पश्चिमी पंजाब में बठिंडा से लेकर दोआबा क्षेत्र के जालंधर तक, लुधियाना से संगरूर और मालवा क्षेत्र में पटियाला तक, उन बस टर्मिनलों को प्राथमिकता दी जा रही है जहां पहले से ही बड़ी संख्या में नागरिक रोजाना यात्रा करते हैं.
पीपीपी मॉडल के तहत इन सभी टर्मिनलों को इस तरह विकसित किया जाएगा कि यात्रियों की दैनिक आवाजाही प्रभावित न हो और उन्हें सुरक्षित, आधुनिक व बेहतर सुविधाएं मिल सकें.
लालजीत सिंह भुल्लर ने कहा कि यह पहल मौजूदा बस टर्मिनलों में लंबे समय से चली आ रही बुनियादी ढांचे की कमियों, संचालन संबंधी अक्षमताओं और अपर्याप्त यात्री सुविधाओं को दूर करने के लिए तैयार की गई है.
परियोजनाओं को डिजाइन-बिल्ड-फाइनेंस-ऑपरेट-ट्रांसफर या बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर मॉडल के तहत लागू किया जाएगा, जिससे स्थिरता, गुणवत्तापूर्ण सेवाएं, बेहतर शहरी परिवहन एकीकरण और राज्य के वित्तीय संसाधनों के कुशल उपयोग को सुनिश्चित किया जा सके.
योजनाबद्ध नवीनीकरण के तहत यात्रियों की सुविधाओं और संचालन प्रबंधन में व्यापक सुधार किया जाएगा. इसमें बेहतर प्रतीक्षा क्षेत्र, आधुनिक स्वच्छता सुविधाएं, उन्नत प्रकाश व्यवस्था, स्पष्ट संकेतक, सुव्यवस्थित बोर्डिंग सिस्टम और ढांचागत पार्किंग व्यवस्थाएं शामिल होंगी. भीड़भाड़ वाले समय में सुचारू संचालन के लिए आवागमन नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.
इस परियोजना में समाज के सभी वर्गों की जरूरतों को ध्यान में रखा जाएगा. वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग व्यक्तियों के लिए बाधारहित पहुंच और सुगम आवागमन की व्यवस्था की जाएगी, ताकि सार्वजनिक परिवहन ढांचा सभी के लिए सुलभ और सम्मानजनक बन सके.
परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने कहा कि परिवहन सुविधाओं के साथ-साथ आधुनिक बस टर्मिनलों को एकीकृत शहरी हब के रूप में विकसित किया जाएगा. लागू नियमों और योजना दिशानिर्देशों के तहत टर्मिनल परिसरों में वाणिज्यिक और अन्य सार्वजनिक सुविधाएं जैसे खुदरा दुकानें, कार्यालय, कार्यस्थल और लॉजिस्टिक्स सहायता संबंधी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी. यह एकीकृत दृष्टिकोण यात्रियों की सुविधा बढ़ाने, आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने और टर्मिनलों की दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता में योगदान देगा.
उन्होंने आगे कहा कि इस पहल के माध्यम से पंजाब सरकार का उद्देश्य रोजमर्रा में उपयोग होने वाले सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाना, लाखों नागरिकों की दैनिक यात्रा को अधिक सुगम करना और राज्य में आधुनिक, कुशल तथा जन-हितैषी बस टर्मिनलों के लिए एक नया मानक स्थापित करना है. First Updated : Tuesday, 20 January 2026