भगवंत मान सरकार राज्य के 3-8 वर्ष तक के बच्चों के भविष्य में 9.3 करोड़ रुपये का निवेश करेगी
पंजाब सरकार ने 'खेल पिटारा' शुरू किया, जो 3 से 8 साल के बच्चों के लिए खेल-आधारित शिक्षण किट है. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में यह योजना सरकारी प्राथमिक स्कूलों में लागू होगी, जिससे करीब 7.5 लाख बच्चे लाभान्वित होंगे. 12,856 स्कूलों में 9.3 करोड़ रुपये की लागत से किट वितरित की जाएंगी, जो 1 अप्रैल तक पहुंच जाएंगी. यह पहल रटने की बजाय मजेदार गतिविधियों से सीखने पर जोर देती है.

चंडीगढ़ : पंजाब में शिक्षा के क्षेत्र में एक नया अध्याय शुरू हो रहा है. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सरकार ने छोटे बच्चों की पढ़ाई को रोचक बनाने के लिए 'खेल पिटारा' नाम की अनोखी योजना शुरू की है. यह खेल-आधारित शिक्षण किट नर्सरी से दूसरी कक्षा तक के छात्रों के लिए तैयार की गई है. इसका मकसद बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ मजेदार तरीके से सीखने का मौका देना है. शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि प्रारंभिक उम्र में मजबूत नींव बनाना राज्य के भविष्य के लिए सबसे बड़ा निवेश है. यह कदम पंजाब के बच्चों को आत्मविश्वासी और रचनात्मक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है.
खेल पिटारा की खासियत
आपको बता दें कि खेल पिटारा एक पूरी किट है जिसमें खिलौने, पहेलियां, स्टोरी कार्ड, फ्लैश कार्ड, पोस्टर, कठपुतलियां और गतिविधि किताबें शामिल हैं. यह सामग्री 3 से 8 साल के बच्चों के लिए बनाई गई है. किट बच्चों को रटने के बजाय खेल-खेल में भाषा, गणित, रचनात्मकता और सामाजिक कौशल सिखाती है. शिक्षकों को भी इस्तेमाल के लिए संसाधन दिए जाएंगे. सब कुछ पंजाबी में उपलब्ध है, ताकि बच्चे आसानी से समझ सकें.
कैसे होगा बच्चों को फायदा होगा
यह योजना कक्षाओं को बच्चे-केंद्रित बनाएगी. बच्चे कहानियां सुनेंगे, खेलेंगे और साथ मिलकर काम करेंगे. इससे उनकी भाषा, गणित की समझ मजबूत होगी. रचनात्मकता बढ़ेगी, समस्या सुलझाने की क्षमता आएगी. स्कूल का डर खत्म होगा और सीखना मजेदार बनेगा. प्रारंभिक स्तर पर ध्यान देकर सरकार आगे की पढ़ाई और करियर के लिए मजबूत आधार तैयार कर रही है.
7.5 लाख बच्चे इस योजना से जुड़ेंगे
पंजाब के लगभग 7.5 लाख बच्चे इस योजना से जुड़ेंगे. राज्य के 12,856 सरकारी प्राथमिक स्कूलों में किट पहुंचाई जाएगी. फाउंडेशनल स्टेज के शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण और सहायता मिलेगी. इससे पूरे राज्य में एक समान गुणवत्ता वाली शिक्षा मिल सकेगी.
सरकार का निवेश और समयसीमा
सरकार इस पहल पर करीब 9.3 करोड़ रुपये खर्च कर रही है. खरीद प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. वितरण का काम तेजी से चल रहा है. 1 अप्रैल तक सभी स्कूलों में किट पहुंच जाएंगी. शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने इसे प्रारंभिक शिक्षा में क्रांति बताया.
पंजाब के भविष्य के लिए दूरदर्शिता
भगवंत सिंह मान सरकार रटने की पुरानी व्यवस्था से हटकर खेल और गतिविधियों पर जोर दे रही है. यह कदम बच्चों में जिज्ञासा, आत्मविश्वास और रचनात्मकता जगाएगा. प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत करके पंजाब एक सक्षम और उज्ज्वल पीढ़ी तैयार कर रहा है. यह निवेश आने वाले सालों में राज्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा.


