पंजाब सरकार ने राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए अहम फैसला लिया है। वित्त विभाग ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत खाली पदों को भरने की मंज़ूरी दी है। यह फैसला लोगों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लिया गया है। सरकार स्टाफ की कमी दूर करना चाहती है। अस्पतालों पर दबाव कम करना लक्ष्य है। इससे गांवों तक सेवाएं पहुंचेंगी। स्वास्थ्य सिस्टम को नई ताकत मिलेगी।
इस मंज़ूरी के तहत ANM और स्टाफ नर्सों की भर्ती की जाएगी। कुल 1568 खाली पद भरे जाएंगे। ANM के 729 पद शामिल हैं। स्टाफ नर्सों के 839 पद भी भरे जाएंगे। ये सभी पद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत हैं। स्वास्थ्य विभाग ने प्रस्ताव भेजा था। वित्त विभाग ने हरी झंडी दी है।
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी तरह की रुकावट नहीं आनी चाहिए। स्टाफ की कमी एक बड़ी समस्या बन रही थी। इसी कारण ठेके के आधार पर भर्ती को प्राथमिकता दी गई है। हर अस्पताल में पर्याप्त स्टाफ होगा। मरीजों को लंबा इंतज़ार नहीं करना पड़ेगा। मेडिकल टीमों को सहयोग मिलेगा। सरकारी स्वास्थ्य प्रणाली मजबूत होगी।
इन भर्तियों पर सालाना 48.88 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। ANM पदों पर 18.98 करोड़ रुपये खर्च होंगे। स्टाफ नर्सों के लिए 29.90 करोड़ रुपये तय किए गए हैं। सरकार ने बजट की पूरी योजना बनाई है। वित्तीय बोझ के बावजूद यह फैसला लिया गया। स्वास्थ्य क्षेत्र को प्राथमिकता दी गई है। यह सरकार की प्रतिबद्धता दिखाता है।
मंज़ूर वेतन ढांचे के अनुसार ANM को 21,700 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। स्टाफ नर्सों को 29,700 रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जाएगा। भर्ती प्रक्रिया लिखित परीक्षा के माध्यम से होगी। यह परीक्षा बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज़ द्वारा कराई जाएगी। पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। मेरिट के आधार पर चयन होगा। युवाओं को समान अवसर मिलेगा।
यह फैसला भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार की सोच को दर्शाता है। स्वास्थ्य और शिक्षा सरकार की प्राथमिकता हैं। सरकार जनहित को केंद्र में रखकर फैसले ले रही है। स्वास्थ्य कर्मियों की भर्ती से सिस्टम मजबूत होगा। गांव और शहर दोनों को लाभ मिलेगा। सरकारी अस्पतालों पर भरोसा बढ़ेगा। यह फैसला जनकल्याण की दिशा में बड़ा कदम है।
इन पदों के भरने से मरीजों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी। नर्सों की उपलब्धता बढ़ेगी। अस्पतालों में काम का दबाव कम होगा। इलाज की गुणवत्ता सुधरेगी। गांवों में स्वास्थ्य केंद्र मजबूत होंगे। आपातकालीन सेवाएं तेज होंगी। पंजाब की स्वास्थ्य व्यवस्था और अधिक प्रभावी बनेगी। First Updated : Saturday, 20 December 2025