नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) में बड़ा राजनीतिक भूचाल आ गया है. पार्टी के प्रमुख चेहरों में शुमार राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने AAP से इस्तीफा दे दिया है. उनके इस्तीफे और संभावित BJP में शामिल होने की खबर ने पूरे देश की राजनीति में हलचल मचा दी है.
राघव चड्ढा हाल ही में पार्टी द्वारा राज्यसभा में उपनेता के पद से हटाए जाने के बाद काफी नाराज चल रहे थे. पार्टी ने उन्हें बोलने का समय देने से भी इनकार कर दिया था. इस फैसले के बाद चड्ढा ने अपनी चुप्पी तोड़ी और कहा, “मेरी अपनी ही पार्टी ने मुझे खामोश कर दिया.”
इस्तीफे की घोषणा करते हुए चड्ढा ने AAP पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा, “पिछले कुछ सालों से मुझे लग रहा था कि मैं गलत पार्टी में सही आदमी हूं. इसलिए आज मैं AAP से अपनी दूरी और जनता से अपनी नजदीकी की घोषणा करता हूं.”
राघव चड्ढा ने साफ कहा कि पार्टी के अंदर उन्हें लगातार दरकिनार किया जा रहा था. कुछ समय पहले अशोक मित्तल को उनकी जगह राज्यसभा में उपनेता बनाया गया था, जिसे चड्ढा के प्रभाव को कम करने की कोशिश माना जा रहा है. चड्ढा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया तारीफ भी की, जिससे BJP में शामिल होने की अटकलें और तेज हो गई हैं.
राघव चड्ढा अकेले नहीं जा रहे. सूत्रों और उनके दावों के अनुसार, उनके साथ कई अन्य प्रमुख सांसद भी AAP छोड़ने की तैयारी में हैं. इनमें शामिल हो सकते हैं, जिनमें हरभजन सिंह (पूर्व क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद), राजिंदर गुप्ता और विक्रमजीत सिंह साहनी का नाम सामने आया है.
यदि चड्ढा दो-तिहाई सांसदों के साथ पार्टी बदलते हैं, तो उन पर दलबदल विरोधी कानून लागू नहीं होगा. ऐसा मानना है कि यह कदम दिल्ली और पंजाब की राजनीति को काफी प्रभावित कर सकता है.