संसद के मानसून सत्र के पहले दिन का माहौल काफी तनावपूर्ण रहा. लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि उन्हें बोलने की अनुमति नहीं दी गई, जबकि सरकार के मंत्रियों को पूरी छूट मिली है. सदन के स्थगित होने के बाद संवाददाताओं से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा, “मैं विपक्ष का नेता हूं, बोलना मेरा अधिकार है, लेकिन मुझे बोलने नहीं दिया जाता. प्रधानमंत्री एक सेकंड में सदन से बाहर चले गए.” उन्होंने सरकार पर पक्षपात का आरोप लगाया और कहा कि यदि अनुमति मिलती तो वे मुद्दों पर खुलकर चर्चा करते.
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी राहुल गांधी के पक्ष में आवाज उठाई. उन्होंने कहा कि यदि सरकार चर्चा के लिए तैयार है तो विपक्ष के नेता को बोलने देना चाहिए. प्रियंका ने इस मुद्दे पर सरकार की रवैये की आलोचना की और जोर दिया कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सभी पक्षों को समान अवसर मिलना चाहिए.
संसद की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर चर्चा की मांग करते हुए जोरदार नारेबाजी की. इससे लोकसभा और राज्यसभा दोनों में कार्यवाही बाधित हुई और दो बार स्थगित करनी पड़ी. लोकसभा में अध्यक्ष ने विपक्ष को आश्वासन दिया कि प्रश्नकाल के बाद उनकी मांगों पर चर्चा होगी, लेकिन विपक्षी सदस्यों ने इसका स्वागत नहीं किया.
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है और बीएसी की बैठक में विपक्ष अपनी बात रख सकता है. उन्होंने साथ ही सदन की कार्यवाही बाधित करने को अनुचित बताया. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी कहा कि सरकार अध्यक्ष द्वारा स्वीकृत किसी भी मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है और विपक्ष को पूरा मौका दिया जाएगा.
राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने विपक्ष का नेतृत्व करते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत-पाकिस्तान संघर्ष विराम मध्यस्थता दावों पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के दोषियों को अब तक पकड़ना या मार गिराना संभव नहीं हो पाया है, जबकि सभी दलों ने सरकार को समर्थन दिया था.
खड़गे ने ट्रंप के दावों को देश की गरिमा के लिए अपमानजनक बताया, क्योंकि ट्रंप ने कई बार खुद को संघर्ष विराम के लिए मध्यस्थ बताया है. इस पर भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है और ऐसा कोई भ्रम नहीं होना चाहिए कि वह इस विषय से बच रही है.
हालांकि, जब चर्चा जारी रही, विपक्षी सदस्य नारेबाजी करने लगे और अंततः राज्यसभा से वाकआउट कर दिया. इसके बाद सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी. चर्चा जारी रहने पर विपक्षी सदस्यों ने राज्यसभा से वाकआउट कर दिया.
First Updated : Monday, 21 July 2025