जयपुर: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार सुबह राजस्थान पुलिस अकादमी का प्रांगण एक अभूतपूर्व ऊर्जा और अनुशासन का गवाह बना. पुलिस बल की व्यस्त और तनावपूर्ण जीवनशैली में मानसिक संतुलन के लिए 'योगोत्सव' का आयोजन किया गया. इस विशेष कार्यक्रम में कुल 1100 से अधिक जांबाज खाकीधारियों ने एक साथ कदमताल मिलाते हुए सामूहिक योगाभ्यास किया और समाज को स्वस्थ जीवन का एक सशक्त संदेश दिया.
डीजीपी राजीव कुमार शर्मा के नेतृत्व में सजग पुलिस बल
ठीक सुबह सात बजे शुरू हुए इस वृहद आयोजन का कमान खुद राजस्थान के पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने संभाला. कार्यक्रम में केवल आरपीए के जवान ही नहीं, बल्कि पुलिस मुख्यालय (PHQ), फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) और इंटेलिजेंस ट्रेनिंग अकादमी (ITA) के अधिकारी व कार्मिक भी पूरी मुस्तैदी से शामिल हुए.
योग से बढ़कर कोई और वैज्ञानिक विकल्प नहीं
समारोह को संबोधित करते हुए डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने पुलिस की कार्यशैली की जमीनी हकीकत को रेखांकित किया. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, पुलिस सेवा की प्रकृति अत्यंत चुनौतीपूर्ण और लगातार मानसिक दबाव वाली होती है. जनसेवा और कानून-व्यवस्था के बीच अपनी कार्यक्षमता बनाए रखने के लिए योग से बढ़कर कोई और वैज्ञानिक विकल्प नहीं है. यह एक ऐसी सहज पद्धति है जिसके लिए किसी विशेष संसाधन की जरूरत नहीं होती. उन्होंने आगे बल देते हुए कहा कि यदि जवान योग को अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल कर लें, तो वे कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी शांत रहकर सटीक निर्णय ले सकेंगे.
आसन, प्राणायाम और ध्यान का त्रिवेणी संगम
विशेषज्ञ योग प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में यह सत्र बेहद व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ा. सबसे पहले शरीर को लचीला और सक्रिय (वार्म-अप) करने वाले सूक्ष्म अभ्यास किए गए. इसके बाद कपालभाति और मानसिक तनाव को शांत करने के लिए भ्रामरी प्राणायाम का सघन अभ्यास किया. कार्यक्रम के आखिरी पलों में जब सैकड़ों पुलिसकर्मियों ने एक साथ आंखें बंद कर ध्यान (मेडिटेशन) लगाया, तो पूरा परिसर सकारात्मक तरंगों से गुंजायमान हो उठा.
समाज को जोड़ने का संकल्प
राजस्थान पुलिस अकादमी के निदेशक एवं अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (एडीजी) संजीब के. नार्जारी ने इस आयोजन के मुख्य ध्येय पर प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि इस राज्यस्तरीय आयोजन का उद्देश्य पुलिस बल के भीतर केवल शारीरिक फिटनेस लाना नहीं है, बल्कि उनके भीतर एक सकारात्मक सोच और मजबूत मानसिक तंत्र विकसित करना है.
1100 जवानों ने किया योग
कार्यक्रम के समापन पर माहौल तब और भी गंभीर व निष्ठापूर्ण हो गया जब वहां मौजूद सभी 1100 से अधिक अधिकारियों और जवानों ने एक सुर में खुद को नियमित योग से जोड़ने की शपथ ली. इसके साथ ही उन्होंने इस बात का भी संकल्प लिया कि वे इस स्वस्थ जीवनशैली को अपने परिवार और समाज के अन्य नागरिकों तक पहुंचाएंगे, ताकि एक स्वस्थ और सजग समाज का निर्माण हो सके. First Updated : Sunday, 21 June 2026